क्लार्क जब पहली बार भारत दौरे पर आए थे तो वे अपनी पढ़ाई कर रहे थे। तैयारी के लिए वो अपनी किताबे भी दौरे पर लाए थे।
जब वो खेल नहीं रहे होते तो पवेलियन में पढ़ाई करते दिख जाते थे। 2004 में उस दौरे पर क्लार्क ने डेब्यू करते हुए पहले ही टेस्ट में 151 रनों की पारी खेली।
क्लार्क स्कूल में किस ग्रेड से पास हुए इसकी जानकारी तो नहीं है लेकिन वो इस दौरे पर 'ए' ग्रेड से जरूर पास हो गए। डेब्यू के साथ ही क्लार्क को भविष्य का कप्तान भी बताया जाने लगा।
मौजूदा दौरे से पहले क्लार्क जब भी भारत आए वो सफल रहे। क्लार्क पहली बार बतौर कप्तान भारत आए हैं। बल्लेबाजी के मामले में वो इस बार भी सफल रहे। क्लार्क इस सीरीज में 286 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं।
लेकिन बतौर कप्तान क्लार्क भारत में अभी अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं। भारतीय जमीं पर जीतना हर कंगारू कप्तान का सपना रहा है लेकिन इस कदर हार अब तक किसी को नहीं मिली है।
बतौर कप्तान क्लार्क को भारतीय जमीं पर पहले तीन टेस्ट मैचों में करारी हार मिली है। इसके बाद क्लार्क पर भारत के हाथों लगातार 3 टेस्ट हारने का शर्मनाक ठप्पा लग चुका है।
मोहाली टेस्ट का फुल स्कोर कार्ड देखने के लिए क्लिक करें
ऑस्ट्रेलिया को दिल्ली में अंतिम टेस्ट खेलना है। अगर यहां भी हार मिलती है तो वो भारत में सबसे असफल ऑस्ट्रेलिया कप्तान की सूची में क्लार्क टॉप पर आ जाएंगे। ऐसे भी आसार हैं कि क्लार्क को भविष्य में अपनी कप्तानी बचाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया का भारत में प्रदर्शन
क्रिकेट जगत में लंबे समय से राज करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में 1956-57 से अब तक 13वीं टेस्ट सीरीज खेल रही है।
जिसमें उसे 4 बार जीत मिली है तो 7 बार भारत ने उसे पटखनी दी है। जबकि दो सीरीज ड्रॉ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों का भारत में प्रदर्शन
कप्तान मैच जीते हारे ड्रॉ इयान जॉनसन 3 0 1 2 रिची बेनौड़ 5 2 1 2 बॉब सिम्पसन 2 1 1 0 बिल लॉरी 4 3 1 0 किम हूज 6 0 2 4 एलन बॉर्डर 3 0 0 3 मॉर्क टेलर 4 1 3 0 स्टीव वॉ 3 1 2 0 गिलक्रिस्ट 3 2 1 0 रिकी पोटिंग 6 4 0 2 क्लार्क 3 0 3 0