भारत की जीत के बाद अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज
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भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज में जमकर रन बने हैं। अब तक भले ही शाई होप के अलावा कोई दूसरा बल्लेबाज शतक न लगा पाया हो, लेकिन हर पारी में 300 से ज्यादा रन बने हैं। खास बात यह है कि टीम इंडिया दोनों मैच करीबी अंतर से जीतने में कामयाब रही है। इस सीरीज में भारतीय टीम ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया है। टीम इंडिया दुनिया की पहली टीम है, जिसने 300 रन से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 मैच जीते हैं। इस मामले में कोई भी टीम भारत के आस-पास भी नहीं है।
दूसरे नंबर पर काबिज इंग्लैंड ने 300 रन से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 मैच जीते हैं। पाकिस्तान की टीम तो भारत की तुलना में आधे मैच भी 300 रन से ज्यादा का पीछा करते हुए नहीं जीत पाई है। पाकिस्तान ने सिर्फ नौ बार सफलतापूर्वक 300 रन से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा किया है।
भारत ने इससे पहले 2019 में कटक के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 300 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा किया था। खास बात यह है कि पिछले तीन बार भारत ने जब 300 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है, तब विपक्षी टीम वेस्टइंडीज ही थी। 2017 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 300 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया था। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ ही ऐसा हुआ है, जबकि इससे पहले भारत ने सिर्फ एक बार 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 300 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ हुई शुरुआत
भारत ने पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ 300 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया था। साल 1998 में पाकिस्तान के भारत के खिलाफ 314 रन बनाए थे। सईद अनवर ने 140 और इजाज अहमद ने 117 रन की पारी खेली थी। इसके जवाब में भारत ने सात विकेट खोकर 316 रन बनाए थे और मैच जीत लिया था। सौरव गांगुली ने 124 और रॉबिन सिंह ने 82 रन की पारी खेली थी। सचिन ने सिर्फ 26 गेंदों में 41 रन बना दिए थे। भारत ने यह मैच 13 गेंद रहते जीत लिया था।
बाकी टीमों का कैसा है रिकॉर्ड?
भारत के अलावा इंग्लैंड ने 13 बार और ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका ने 11-11 बार 300 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है। पाकिस्तान नौ और न्यूजीलैंड आठ बार ऐसा कर चुका है। दक्षिण अपने ने सात बार, बांग्लादेश ने पांच बार और आयरलैंड ने चार बार यह कारनामा किया है। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे सिर्फ दो बार ऐसा कर पाई हैं।