इंग्लैंड के खिलाफ 30 अक्तूबर को मुंबई में होने वाले अभ्यास मैच के लिए भारत ‘ए’ टीम में स्टार स्पिनरों को शामिल नहीं किए जाने से इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान और डेविड लॉयड बेहद नाराज हैं। वान ने इसे बीसीसीआई की घटिया रणनीति करार दिया है। उनका कहना है कि यह खेल भावना के खिलाफ है।
बकौल वान, ‘अभ्यास मैच के लिए ‘ए’ टीम में भारत ने कोई स्पिनर शामिल नहीं किया है। यदि ऐसा है तो खेल का स्तर क्या हो गया है। यह बेहद घटिया रणनीति है। मुझे नहीं लगता है कि यह खेल भावना के अनुकूल है। आप अपनी टीम के क्षमता के अनुरूप स्पिनरों की मददगार पिच बनाए यही बहुत है। बहुत गलत बात है यह।
भारत की ये रणनीतियां खेल के लिहाज से बेहद खतरनाक हैं। यहां तो घरेलू हालात के फायदे लेने की एक नई परिभाषा ही गढ़ दी गई है। यह कहीं से भी खेल के हित में नहीं है। दूसरी टीमें भी निश्चित रूप से इसका अनुसरण करेंगी।’ एक अन्य पूर्व कप्तान डेविड लॉयड ने कहा, ‘अभ्यास मैच के लिए घोषित टीम में एक भी स्पिनर नहीं है। ऐसे फैसले को कहीं से भी स्तरीय नहीं कहा जा सकता है।’