पूर्व कप्तान लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम को बीते तीन दशकों में सबसे कमजोर करार देते हुए कहा है कि इंग्लैंड जिस दौरे को फाइनल फ्रंटियर मानकर चल रहा है, वह बेहद आसान साबित हो सकता है।
गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम की बैटिंग लाइनअप फिलहाल बेहद डवांडोल है और स्पिन को छोड़ दें तो उसके गेंदबाजी आक्रमण में भी कोई दम नहीं है। उनके अनुसार तेज गेंदबाजी की हालत बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम आज उतनी ही खराब हालत में है जितना कि 2011 के इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरों में उसकी हालत खराब थी। आज भी स्थितियां वैसी ही हैं। तब भारत एक भी दिन का खेल अपने पक्ष में करने की स्थिति में नहीं था। उस वर्ष भारत ने इन दौरों पर लगातार आठ टेस्ट गंवाये थे और अपनी नंबर वन टेस्ट रैंकिंग भी इंग्लैंड के हाथों खो दी थी।
पूर्व कप्तान ने कहा कि हमारे ओपनर कहीं से फार्म में नहीं हैं और इस कारण बल्लेबाजी पूरी तरह लचर मालूम पड़ रही है। गत वर्ष की शुरुआत में हवा का रूख भारत के पक्ष में था लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इसलिए इंग्लैंड के लिए आसान मौके की तरह है।
गावस्कर ने कहा कि गेंदबाजी में जहीर खान को नई गेंद से कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इससे रविचंद्रन अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी पर बोझ बढेगा। अश्विन तेजी से सीखते हैं और ओझा के प्रदर्शन में निरंतरता है। टर्न वाली पिचों पर ये सफल साबित होते हैं। गावस्कर ने कहा कि इस सीरीज में एलिस्टेयर कुक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनका भारत में रिकार्ड अच्छा है। अपने पदार्पण सीरीज में 2006 में उन्होंने जो प्रदर्शन किया था, अगर उसे दोहरा पाएंगे तो इंग्लैंड का काम आसान हो जाएगा।