रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने आईसीसी टूर्नामेंटों के दो सेमीफाइनल मुकाबलों में मिली हार को लेकर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों में से कौन सी हार को पचा पाना उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल था। भुवनेश्वर, जिन्होंने आरसीबी को लगातार दो आईपीएल खिताब दिलाने में अपनी गेंदबाजी से अहम भूमिका निभाई है वह 2019 वनडे विश्व कप और 2022 टी20 विश्व कप अभियान का हिस्सा रह चुके हैं।
2019 वनडे विश्व कप की हार नहीं भूल पा रहे भुवनेश्वर
जतिन शप्रू के साथ यूट्यूब शो पर बातचीत के दौरान भुवनेश्वर ने कहा कि 2019 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार उन्हें सबसे ज्यादा चुभती है। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारत को 240 रनों का लक्ष्य हासिल करना था, लेकिन शुरुआती पांच रनों के भीतर ही टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। रवींद्र जडेजा के 59 गेंदों पर 77 रन और महेंद्र सिंह धोनी के 72 गेंदों पर 50 रनों के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य तक पहुंचने में असफल रही थी।
इस हार को याद करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, 2019 का सेमीफाइनल मेरे लिए ज्यादा दिल तोड़ने वाला था। हम एक बहुत ही साधारण वनडे लक्ष्य का पीछा कर रहे थे और हर किसी को हमसे जीत की उम्मीद थी। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल अलग था क्योंकि वह एक टी20 मैच था, जहां कुछ भी हो सकता है। 2019 में मैच का अगले दिन पूरा होना चीजों को बदल सकता है क्योंकि बारिश के बाद नमी आ गई थी। अगर हमारी जीत किस्मत में नहीं लिखी थी, तो शायद हम पहले दिन भी नहीं जीत पाते।
आईपीएल के पिछले दो सत्र में किया शानदार प्रदर्शन
यह हार भुवनेश्वर के अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे दर्दनाक पलों में से एक है, लेकिन अब उनका ध्यान भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाने से पूरी तरह हट चुका है। उन्होंने आखिरी बार नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान भारत के लिए मैच खेला था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। आईपीएल में उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। 35 वर्षीय इस गेंदबाज ने आरसीबी के लगातार दो आईपीएल खिताब जीतने वाले अभियानों में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आईपीएल 2025 में 17 विकेट लिए और 2026 में अपने विकेटों की संख्या को 28 तक पहुंचाया, जिससे वह पर्पल कैप जीतने वाले गेंदबाज से सिर्फ एक विकेट पीछे रहे। शानदार प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर ने स्वीकार किया कि अब वह भारतीय टीम में वापसी की कोई उम्मीद नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं कुछ साबित करने के लिए नहीं खेल रहा हूं, लेकिन अगर मुझे दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका मिले तो मुझे खुशी होगी।
पत्नी से कहा था- ये आखिरी विश्व कप है
भुवनेश्वर ने खुलासा किया कि भारत के लिए अपने आखिरी मैच के बाद उन्हें शुरुआत में एक और मौका मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, कुछ सीरीज तक इंतजार करने के बाद उन्होंने अहसास हो गया कि उनकी वापसी की संभावना कम है। उन्होंने इस स्थिति को स्वीकार कर लिया। भुवनेश्वर ने कहा, कुछ सीरीज तक तो उम्मीद थी, क्योंकि मुझे एक फोन आया था। उन्होंने जो कहा, उसके आधार पर मुझे लगा कि शायद अगली दो सीरीज में मौका मिल जाएगा। लेकिन फिर मुझे अहसास हुआ कि मामला वैसा नहीं है जैसा उन्होंने कहा था। यह दुखद नहीं था, क्योंकि तब मुझे पता चल गया था कि क्या हो रहा है और मैंने इसके साथ समझौता कर लिया। यह आसान नहीं था, लेकिन इसमें मेरे परिवार ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई।
भुवनेश्वर ने यह भी बताया कि 2022 टी20 विश्व कप के दौरान ही उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि भारतीय टीम में उनका सफर अब समाप्त होने की कगार पर है। एडिलेड में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सेमीफाइनल हार के बाद, जब वह अपने कमरे में लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी नुपूर से कहा था कि उन्हें विश्वास है कि वह अपना आखिरी विश्व कप खेल चुके हैं।