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'टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में बसा', साउथ जोन को फाइनल में पहुंचाने के बाद बोले तिलक वर्मा; बताया अपना मजबूत पक्ष

Wed, 02 Sep 2026 07:03 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। तिलक दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की कप्तानी कर रहे हैं। उन्होंने नॉर्थ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन किया जिससे टीम फाइनल में पहुंचने में सफल रही।
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तिलक वर्मा - फोटो : PTI
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विस्तार
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साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने टीम को दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाने के बाद कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके खून में रचा बसा है। प्रत्येक युवा खिलाड़ी की तरह भारत की टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा का सपना भी टेस्ट क्रिकेट में खेलना है। तिलक ने साउथ जोन की तरफ से नॉर्थ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 116 और नाबाद 51 रन बनाकर लाल गेंद प्रारूप में फिर से अपनी काबिलियत साबित की। उनके इस शानदार प्रदर्शन से दक्षिण क्षेत्र फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा।
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सीमित ओवर क्रिकेट खेलने का नहीं देखा था सपना
तिलक ने अपनी टीम की जीत के बाद कहा, मुझे शुरू से ही लाल गेंद से क्रिकेट खेलना पसंद रहा है। मैंने कभी भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन ईश्वर की यही इच्छा थी। मैंने भारत के लिए टी20 और वनडे में पदार्पण किया है, लेकिन लाल गेंद की क्रिकेट मेरा मजबूत पक्ष रहा है।
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लगातार लाल गेंद से अभ्यास करते रहे हैं तिलक
तिलक पिछले तीन वर्षों में 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और पांच वनडे मैच खेल चुके हैं, लेकिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि इसके बावजूद वह लगातार लाल गेंद से अभ्यास करते रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने कड़ी मेहनत की है। शायद जब मैं 10 साल का था तब से मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अब मैं 23 साल का हूं। मुझे आईपीएल की वजह से सफेद गेंद वाले प्रारूप में चुना गया। लेकिन उससे पहले मैंने लाल गेंद की क्रिकेट में काफी अनुभव हासिल कर लिया था। लंबी अवधि का प्रारूप मेरा मजबूत पक्ष रहा है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। यह कुछ ऐसा है जो हमेशा से मेरे खून में रहा है।

तिलक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में व्यस्त होने के कारण वह घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त मैच नहीं खेल पा रहे हैं। उन्होंने कहा, अभी मैं देश के लिए टी20 और वनडे मैचों में खेल रहा हूं, लेकिन मुझे लाल गेंद से क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त होने के कारण मेरे पास घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का बहुत ज्यादा समय नहीं है। मैं पिछले तीन-चार वर्षों से रणजी ट्रॉफी में खेलने का प्रयास कर रहा था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैचों के व्यस्त कार्यक्रम की वजह से मुझे समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए मैं जितना संभव हो सके उतना लाल गेंद की क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि मैं उसमें रन बनाकर भारतीय टेस्ट टीम में भी जगह बनाना चाहता हूं। 
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