राज्य संघों को भेजे पत्र में शाह ने लिखा कि उनके प्रस्ताव को विश्वकप की मेजबानी करने वाले स्थलों के अधिकारियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया है जिसमें दिल्ली, धर्मशाला, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, बंगलूरू और लखनऊ शामिल हैं
बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने कहा कि विश्वकप मुकाबलों की मेजबानी करने वाले स्थल घरेलू सत्र के दौरान वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी की अपनी बारी छोड़ देंगे जिससे कि उन राज्य संघों को भरपाई की जा सकेगी जो इस आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी से चूक गए हैं। विश्वकप पांच अक्तूबर से 19 नवंबर तक भारत में होगा।
विज्ञापन
राज्य संघों को भेजे पत्र में शाह ने लिखा कि उनके प्रस्ताव को विश्वकप की मेजबानी करने वाले स्थलों के अधिकारियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया है जिसमें दिल्ली, धर्मशाला, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, बंगलूरू और लखनऊ शामिल हैं। हालांकि, विश्वकप के दौरान सिर्फ अभ्यास मैचों की मेजबानी करने वाले गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम को आगामी सत्र में मेजबानी का मौका मिलेगा।
शाह ने इस हफ्ते की शुरुआत में विश्वकप के कार्यक्रम की घोषणा से पहले राज्य संघों के प्रमुखों से मुलाकात की थी।
शाह ने लिखा, ‘हमारी बैठक के दौरान मैंने विश्वकप 2023 के मैचों का उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक समाधान का प्रस्ताव रखा था। मैंने अभ्यास मैचों की मेजबानी करने वाले असम और केरल को छोड़कर अन्य मेजबान संघों से द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय सत्र के दौरान वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी की अपनी बारी स्वैच्छिक रूप से छोड़ने का अनुरोध किया था। यह प्रस्ताव उन राज्य संघों को समायोजित करने के लिए रखा गया था जो दुर्भाग्य से क्रिकेट विश्वकप के मैचों की मेजबानी करने से चूक गए थे।’