सीरीज के लिहाज से यह मुकाबला भले बेजान था लेकिन एक टीम क्लीन स्वीप के इरादे से लड़ रही थी तो दूसरी सम्मान के लिए। जीत आखिर सम्मान की हुई। भारत ने फिरोजशाह कोटला में तीसरे वन-डे में रोमांचक अंदाज में 10 रनों से जीतकर अपनी नाक बचा ली। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ‘मैन ऑफ द मैच’ और नासिर जमशेद ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बने।
फुल स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें।
मैच की शुरुआत के पहले से भारतीय टीम में कुछ अच्छा घटता नहीं दिखाई दे रहा था। यहां तक कि पाकिस्तानी टीम वार्मअप के लिए मैदान पर काफी पहले आ गई लेकिन भारतीय टीम मैच शुरू होने से कुछ देर पहले पहुंची। लेकिन यह सारी खामियां दिल्ली की सर्दी में गायब हो गईं।
हालांकि पाकिस्तान एक समय जीत की दहलीज पर थी। 113 रनों पर उसके तीन विकेट गिरे थे लेकिन अगले 14.5 ओवरों में सात पाकिस्तानी बल्लेबाज महज 44 रनों पर पवेलियन लौट गए। प्लास्टिक बैग में गर्म पानी लाकर हाथ गर्म किए जा रहे थे। पहले रवींद्र जडेजा ने कसा स्पैल डाला। उसके बाद इशांत शर्मा और पहला मैच खेल रहे शमी अहमद ने टीम को वापसी करा दी।
लेकिन उनके आड़े मोहम्मद हफीज खड़े थे। 12 गेंदों में 23 रन की जरूरत थी। उन्होंने 49वें ओवर में इशांत पर दो चौके जड़ फिर क्लीन स्वीप की उम्मीदों को जगा दिया। लेकिन, मिड विकेट पर गेंद को उड़ाने के चक्कर में उन्होंने युवराज को कैच दे दिया। इसके बाद खिलाड़ियों ने ऐसा जश्न मनाया मानो वर्ल्ड कप जीत लिया हो।
इससे पहले चेन्नई और कोलकाता के दुर्भाग्य ने भारतीय बल्लेबाजों का पीछा फिरोजशाह कोटला में भी नहीं छोड़ा। वीरेंद्र सहवाग को उनके घर में बाहर बिठा कर अजिंक्य रहाणे को अंदर करने का फैसला रंग नहीं लाया। हाड़ कंपाती सर्दी में सात फुट के मोहम्मद इरफान और जुनैद खान की गेंदों का जवाब भारतीय टॉप आर्डर के पास नहीं था।
इसके बाद इन दोनों की स्विंग पर मैजिक स्पिनर सईद अजमल के तड़के ने भारतीय बल्लेबाजी को तार-तार कर दिया। पूरी टीम 50 ओवर भी नहीं खेल सकी। 43.4 ओवरों में भारतीय टीम 167 रनों पर सिमट गई। मैच शुरू होने से ठीक पहले तक यह माना जा रहा था कि धोनी नहीं खेलेंगे और गंभीर के सिर कप्तानी बंधेगी। यही नहीं इस मैच से सहवाग को बाहर किए जाने की भी उम्मीद नहीं की गई थी।
पाक ने हिसाब चुकाया
पाकिस्तान ने भारत को वन-डे सीरीज में 2-1 से हराकर सात साल में पहली बार द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की। साथ ही, पाकिस्तान ने भारत से पिछली दो सीरीज में मिली हार का बदला चुकता किया। 2007-08 में भारत ने अपने घर में पाकिस्तान को पांच वन-डे मैचों की सीरीज में 3-2 से जबकि 2005-06 में पाकिस्तान को उसी के घर में पांच वन-डे मैचों की सीरीज में 4-1 से करारी शिकस्त दी थी।
--200 वां कैच बतौर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने वन-डे कैरियर का लपका।
--चौथा सबसे कम स्कोर भारत ने डिफेंड कर मैच जीता।
--9वें बल्लेबाज बने धोनी सर्वाधिक छक्के मारने वाले।
--7 साल बाद पाकिस्तान ने भारत को पहली बार द्विपक्षीय सीरीज में हराया।