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टीम इंडिया को मिला ऑस्ट्रेलिया दौरे में जीत का मंत्र, बस यह कमी करनी होगी दूर

Mon, 17 Sep 2018 06:22 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बेहद मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने से पहले भारत को अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा। दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में श्रृंखलाएं गंवाने के बाद विराट कोहली की अगुआई वाली टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीतने पर टिकी हैं।

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चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो.कॉम’ पर कॉलम में लिखा, ‘भारतीय टीम अब आस्ट्रेलिया के खिलाफ बहुप्रतीक्षित श्रृंखला में अपनी प्रतिष्ठिता में सुधार करने उतरेगी लेकिन बल्लेबाजी की विसंगतियों पर ध्यान देना होगा।’

उन्होंने लिखा, ‘निलंबन के कारण दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर के बाहर होने के कारण आस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पर सवाल उठाए जा सकते हैं लेकिन उनका गेंदबाजी आक्रमण बेहद मजबूत है।’ 
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भारत को तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय, तीन वनडे और चार टेस्ट मैचों के लिए 21 नवंबर से 18 जनवरी के बीच ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। चैपल ने कहा, ‘अगर मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, पैट्रिक कमिंस और नाथन लियोन फिट रहते हैं तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए समय चुनौतीपूर्ण होगा। इंग्लैंड में हवा में और सीम से मिल रही मूवमेंट से विराट कोहली के अलावा अन्य बल्लेबाजों के लिए नियमित रूप से परेशानी खड़ी हुई लेकिन ऑस्ट्रेलिया में अतिरिक्त उछाल परेशानी पैदा करेगा।’

चैपल ने कहा, ‘आत्मविश्वास से भरा और अच्छी फार्म में चल रहा रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए आदर्श खिलाड़ी होगा। उसके शॉट अतिरिक्त उछाल से निपटने के लिए सही हैं लेकिन यह दुख की बात है कि वह कभी टेस्ट क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं कर पाया। दौरे के लिए उसे चुनना जुआ होगा।’ 

चैपल ने इंग्लैंड के दौरे पर टेस्ट श्रृंखला 1-4 से हारने को मौका गंवाना बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से श्रृंखला हारने को मौका गंवाने के रूप में देखना चाहिए। लॉर्ड्स में करारी हार के अलावा वे श्रृंखला में काफी प्रतिस्पर्धी रहे लेकिन टीम में सिर्फ प्रतिस्पर्धा पेश करने से कहीं बेहतर करने की क्षमता है।’

अश्विन ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत मीडियम पेसर के तौर पर की थी। मगर कूल्हे की इंजरी उन्हें तेज फेंकने से परेशान करती थी। जिसके बाद मजबूरन उन्हें स्पिन गेंदबाजी करनी शुरू की। अब अश्विन भारतीय क्रिकेट इतिहास के चौथे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज (327 विकेट) बन चुके हैं।

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