यूं तो जिंबाब्वे टीम को क्रिकेट जगत में मजबूत टीम के रूप में नहीं जाना जाता है। लेकिन उसकी टीम में एक ऐसा बल्लेबाज है, जिसे दुनिया की नंबर वन टीम इंडिया एक बार भी आउट नहीं कर सकी है।
पांच मैचों की सीरीज का पहला मैच बुधवार को खेला गया और इस मैच में भी उस बल्लेबाज को टीम इंडिया के गेंदबाज आउट कर पाने में नाकाम रहे।
हम यहां बात कर रहे हैं जिंबाब्वे टीम के बेहतरीन बल्लेबाज एल्टन चिगुंबुरा की। चिगुंबुरा ने सीरीज के पहले मैच में उस समय भी शानदार बल्लेबाजी की, जब उनकी टीम का मध्यक्रम उखड़ गया था।
उन्होंने एक छोर संभाले रखा और अंतिम समय तक क्रीज पर टिके रहे, जिससे टीम सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। उन्होंने इस मैच में 43 रनों की अविजित पारी खेली।
इस अफ्रीकी टीम के स्थापित खिलाड़ी बन चुके चिगुंबुरा भारत के खिलाफ अब तक तीन वनडे मैचों में मैदान पर उतर चुके हैं और तीनों ही बार अपना विकेट बचाने में कामयाब भी रहे।
इससे पहले चिगुंबुरा ने मई-जून 2010 में जिंबाब्वे में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में भारत के खिलाफ दो मैच खेले थे। पहले मैच में 24 और दूसरे मैच में 16 रन बनाए। दोनों ही मैचों में अपना विकेट बचाने में सफल रहे। यह दोनों ही मैच जिंबाब्वे के खाते में भी गए।
हालांकि भारत के खिलाफ जिंबाब्वे के लिए 'लकी' चिगुंबुरा का कमाल इस बार नहीं चला। जबकि उन्होंने इस मैच में 34 रनों छह चौके और एक छक्के की मदद से 43 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के अलावा रोहित शर्मा का विकेट भी लिया।
पूर्व कप्तान चिगुंबरा ने अब तक 146 मैचों की अपनी 135 पारियों में 24 की औसत से 3,453 रन बनाए हैं। उन्होंने अब तक 14 पचासे जड़े हैं।