भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे मैचों की रजत जयंती के मौके पर ईडन गार्डंस में दोनों देशों के पूर्व क्रिकेटरों को सम्मानित किया गया। ऐतिहासिक ईडन गार्डंस पर 18 फरवरी 1987 को पहली बार दोनों देशों ने वनडे मैच खेला था। वनडे सीरीज के दूसरे मैच के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने दिग्गज क्रिकेटरों को विशिष्ट अंदाज में सम्मानित किया।
मैच के दौरान पाकिस्तान की पारी जैसे ही समाप्त हुई मैदान पर एक अद्भुत दृश्य दिखाई देने लगा। दोनों देशों के दिग्गज कप्तान फूलों से सजी खुली जीपों पर सीमारेखा के पास से मैदान का चक्कर लगाने लगे। ईडन गार्डंस उस समय 66 हजार दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था और स्टेडियम के हर कोने से तालियों की गूंज से आसमान गुंजायमान हो रहा था।
सम्मानित होने वाले कप्तानों में भारत की तरफ से अजित वाडेकर, बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, कपिल देव, गुंडप्पा विश्वनाथ, दिलीप वेंगसरकर, कृष्णामाचारी श्रीकांत रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, वीवी एस लक्ष्मण और सौरभ गांगुली थे। जबकि पाकिस्तान की तरफ से वसीम अकरम और रमीज राजा तथा कई पूर्व कप्तान शामिल थे।
खुली जीपों में दो-दो कप्तान सवार होकर चल रहे थे लेकिन बंगाल टाइगर सौरभ गांगुली एक जीप पर अकेले सवार थे। गांगुली के स्टेडियम में घुसते ही सबसे ज्यादा तालियां बजी। जीप परेड समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री बनर्जी ने सभी कप्तानों को शाल पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।