श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा की कप्तानी में खेलने का फैसला लिया जो उनके लिए सही साबित नहीं हुआ।
चेन्नई में खेले जा रहे भारत-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच दूसरे चार दिवसीय गैर आधिकारिक टेस्ट मैच के पहले ही दिन मेजबान टीम की शुरुआत बहुत खराब रही और भारतीय पारी 68.5 ओवर में 135 रन बनाकर सिमट गई। इसके बाद दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बिना किसी नुकसान के 43 रन बना लिए।
चेतेश्वर पुजारा का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला सही नहीं रहा और उसने 53 रन तक अपने 4 विकेट गंवा दिए। टीम को सबसे बड़ा झटका कप्तान चेतेश्वर पुजारा (11) और विराट कोहली (16) के रूप में लगा जब वे सस्ते में निपट गए।
कोहली ने इस कारण भी इस मैच में खेलने का फैसला किया क्योंकि चेन्नई और कोलंबो के मौसम में काफी समानता है, ऐसे में यहां खेलने से श्रीलंकाई मौसम के हिसाब से ढलने में सुविधा रहेगी। भारतीय टीम कोहली के नेतृत्व में 12 अगस्त से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका जाएगी। लेकिन भारतीय कप्तान अपने इस मकसद में नाकाम रहे।
दो मैचों सीरीज का पहला मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ। इस मैच के बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी खेली जानी है। भारतीय मूल के तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू ने शानदार गेंदबाजी की और 25 रन देकर 3 विकेट झटके।
करुण नायर की फिफ्टी ने भारत को सौ के पार पहुंचा दिया
चार दिवसीय गैर आधिकारिक टेस्ट मैच को अक्सर पुराने और युवा खिलाड़ियों की टीम इंडिया में जगह बनाने का बड़ा मौका माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ इस सीरीज में भी कई खिलाड़ी टीम में वापसी का रास्ता तलाशने में जुटे हैं।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला टीम इंडिया के लिए गलत साबित हुआ। लोकेश राहुल की जगह भारतीय पारी की शुरुआत करने कप्तान पुजारा के साथ क्रीज पर अभिनव मुकुंद आए, लेकिन यह जोड़ी जल्द ही टूट गई। पुजारा के रूप में भारत को पहला झटका उस समय लगा जब उसके खाते में अभी 18 रह ही जुड़े थे।
इसके बाद मुकुंद 15 रन बनाकर चलते बने। टीम को बड़ा झटका कोहली के रूप में लगा जो महज 16 रन बनाने के बाद पगबाधा हो गए। भारतीय टेस्ट कप्तान कुछ देर क्रीज पर डटे रहे और कुल 42 गेंद खेली जिसमें उन्होंने एक चौका और एक छक्का ठोंक दिया। कोहली के आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर भी एक रन बनाकर आउट हो गए।
महज 53 रन पर 4 विकेट गंवाने के बाद करुण नायर और नमन ओझा ने बेहद संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से उबारने की कोशिश की और पांचवें विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी हुई। दोनों ने पारी को संभालने के लिए काफी धीमी बल्लेबाजी की, खासकर नमन ने जिन्होंने 75 गेंदों में सिर्फ 5 रन बनाए। वह 84 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हो गए।
इसके बाद करुण (50) ने अर्धशतक ठोंक दिया, हालांकि फिफ्टी लगाते ही वह आउट भी हो गए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने इस कदर कसी हुई गेंदबाजी की कि भारतीय बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सके। बाबा अपराजित 12 और वरुण आरोन खाता खोले बगैर ही आउट हो गए। भारत के 8 विकेट 125 रन पर गिर गए थे।
भारत की ओर से इस पारी में 5 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। ऑस्ट्रेलिया की ओर से गुरिंदर संधू के 3 विकेट के अलावा स्टीफन ओ कैफे, एंड्रयू फेके, ऑस्टन आगर को 2-2 सफलता मिली।