ऑस्ट्रेलिया-ए के सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट (150) ने दूसरे अनधिकृत टेस्ट के दूसरे दिन शानदार शतक जड़कर दिखा दिया कि एम ए चिदंबरम स्टेडियम की पिच में ऐसा कुछ नहीं है कि बल्लेबाजों को हथियार डालने पड़ जाएं।
जिस पिच पर भारत-ए की पहली पारी पहले दिन बुधवार को महज 135 रनों पर सिमट गई थी उसी पिच पर बैनक्रॉफ्ट के शानदार शतक की मदद से मेहमान टीम ने दूसरे दिन नौ विकेट पर 329 रन बनाकर 194 रनों की मजबूत बढ़त ले ली है। ये तो शुक्र कीजिए कि स्पिनरों बाबा अपराजित (5/74) और प्रज्ञान ओझा (3/99) ने कुछ अंकुश लगा लिया वर्ना ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम और भी बेहतर स्थिति में होती।
पहले सत्र में प्रज्ञान ओझा ने उस्मान ख्वाजा (33), बर्न्स (08) और हैंडसकाम्ब (00) के विकेट जल्द निकाल दिए थे लेकिन उस्मान ख्वाजा के साथ पहले विकेट पर 111 रनों की साझेदारी करने वाले बैनक्रॉफ्ट ने कैलुम र्फ्ग्यूसन (54) के साथ चौथे विकेट पर भी 107 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया ए की बढ़त को मजबूत बनाने में मदद की।
बैनक्रॉफ्ट ने 267 गेंदों की अपनी पारी में 16 चौके और एक छक्का लगाया। उसके बाद बाबा अपराजित ने विपक्षी टीम को लगातार झटके देकर कुछ अंकुश लगाया। ऑस्ट्रेलिया-ए के लिए गुरिंदर संधू ने भी 36 रनों की उपयोगी पारी खेली। अभी ऑस्ट्रेलिया-ए का अंतिम विकेट गिरना बाकी है।
मैच में अभी दो दिन शेष हैं, ऐसे में भारत-ए टीम बैकफुट पर है। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों की अग्नि परीक्षा है यदि उन्होंने फिर निराश किया तो इस मैच के साथ दो मैचों की सीरीज भी गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।