हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीनों वनडे मैच हारने के गम को भुलाकर रविवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में जीत की राह पर लौटना होगा। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर 2019 से अब तक टी20 प्रारूप में सभी आठ मैच जीते हैं। लेकिन इस लय को बनाए रखने के लिए भारतीय टीम को आत्मविश्वास के साथ उतरना होगा और अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना होगा। ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज के दौरान चयन के कई विवादित फैसलों के कारण हरमनप्रीत पर सवाल उठे हैं। देखना यह है कि कब तक चयनकर्ता उन पर भरोसा बनाए रखते हैं और स्मृति मंधाना को बागडोर सौंपने के लिए इंतजार करते हैं।
हरमनप्रीत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
टी20 विश्वकप से जल्दी बाहर होने के बाद भारत की यह पहली टी20 सीरीज है। भारत ने न्यूजीलैंड को घरेलू वनडे सीरीज में हराया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया में 3-0 से पराजय का सामना करना पड़ा। हरमनप्रीत का अपना बल्लेबाजी फॉर्म चिंता का सबब है और कप्तानी में कुछ नया नहीं कर पाने से भी टीम की मुश्किलें बढ़ी हैं। चयनकर्ताओं ने एक बार फिर शेफाली वर्मा को जगह नहीं दी है हालांकि भारत में टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। शेफाली ने इस प्रारूप में 2024 में सर्वाधिक 531 रन बनाए हैं। शेफाली के न होने से रिचा घोष पर दबाव बढेगा जो निचले क्रम पर तेजी से रन बनाती है। पूनिया के भी चोट के कारण बाहर होने से घोष को पारी का आगाज करना होगा। इसी तरह तेज गेंदबाज अरूंधति रेड्डी को भी नहीं चुना गया जिन्होंने तीन दिन पहले ऑस्ट्रेलिया में वनडे में चार विकेट लिए थे। टी20 विश्वकप में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है।
फिटनेस और मनोबल की परीक्षा
ऑस्ट्रेलिया में पर्थ में बुधवार को आखिरी वनडे हारकर लौटी भारतीय टीम को पर्याप्त आराम नहीं मिला है और उसे रविवार को यहां डी वाई पाटिल स्टेडियम पर पहला मैच खेलना है। तीनों मैच एक एक दिन के अंतराल पर होंगे जिसमें टीम की फिटनेस और मनोबल की कड़ी परीक्षा होगी। भारतीय टीम पूजा वस्त्राकर, श्रेयांका पाटिल, यास्तिका भाटिया और प्रिया पूनिया के बिना खेल रही है।