भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में भारतीय टीम को प्लेइंग-11 में बदलाव करना पड़ सकता है। जिम्बाब्वे पर 90 रन की जीत के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज अपने नाम करने के बाद श्रेयस ने कहा कि तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की चोट के कारण रविवार को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम को कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं।
मैदान से बाहर चले गए थे प्रिंस
प्रिंस अपने दूसरे ओवर की दूसरी गेंद फेंकने के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर चले गए। चोटिल होने से पहले वह दो विकेट झटक चुके थे। अय्यर ने मैच के बाद कहा, दुर्भाग्य से हमारा एक खिलाड़ी चोटिल हो गया है, इसलिए रविवार के मैच में टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ईशान और तिलक ने शानदार बल्लेबाजी की। मुझे लगा था कि इस विकेट पर 180 से 200 रन प्रतिस्पर्धी स्कोर होगा, लेकिन हमने 220 रन बना लिए, जो टीम के लिए बोनस साबित हुआ। मैदान पर यही रवैया होना चाहिए। वर्तमान में रहकर अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से अमल में लाना सबसे अहम है।
अपनी 44 गेंदों की पारी में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 81 रन बनाने वाले ईशान ने कहा कि बल्लेबाजी के लिए यह आसान विकेट नहीं था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगा कि यह ऐसा विकेट था, जहां आसानी से रन बनाए जा सकते थे। कुछ गेंदें असमान उछाल ले रही थीं, इसलिए हमने साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया। विकेट गिरने की चिंता करने के बजाय यह देखना जरूरी था कि किन गेंदबाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
डेब्यू मैच में दो विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने कहा कि धीमी गेंदों की रणनीति उनकी टीम के लिए कारगर साबित हुई। उन्होंने कहा, स्पेल शुरू होने से पहले मेरी और श्रेयस भाई की योजना पर चर्चा हुई थी। हमें लगा कि इस विकेट पर धीमी गेंदें काफी प्रभावी रहेंगी। हमने उसी रणनीति पर अमल किया और उसका फायदा मिला।
भारत ने अपने नाम की सीरीज
भारत ने ईशान किशन (81) और तिलक वर्मा (नाबाद 60) की शानदार पारियों की बदौलत पांच विकेट पर 219 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई और भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की यह पहली सीरीज जीत है।