जिम्बाब्वे के खिलाफ पहला वनडे मैच जीतकर भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। लोकेश राहुल इस मैच में पांचवीं बार टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे थे और पहली बार उन्हें जीत मिली है।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने एकतरफा अंदाज में 10 विकेट से जीत लिया है। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 189 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने बिना कोई विकेट गंवाए 192 रन बनाए और यह मैच 10 विकेट से जीत लिया। भारत ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में जिम्बाब्वे से बहुत बेहतर प्रदर्शन किया। इस सीरीज में भारत के अधिकतर युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है और पहले मैच में टीम को आसान जीत मिली है।
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जिम्बाब्वे ने इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। टी20 और वनडे दोनों सीरीज में जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को हराया था। इसके बाद माना जा रहा था कि भारत की युवा टीम के सामने भी जिम्बाब्वे की टीम थोड़ी चुनौती पेश करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले बल्लेबाजी में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने निराश किया। इसके बाद धवन और गिल की जोड़ी के सामने जिम्बाब्वे के सभी गेंदबाज बेबस नजर आए।
भारत बनाम जिम्बाब्वे
- फोटो : अमर उजाला
मैच के टर्निंग प्वाइंट
जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाजों ने 25 रन की साझेदारी की थी, लेकिन इस स्कोर पर पहला विकेट गिरते ही जिम्बाब्वे की टीम धराशायी हो गई। 31 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवाने के बाद जिम्बाब्वे के लिए बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल था।
नौवें विकेट के लिए इवांस और नगरवा ने 70 रन की साझेदारी कर जिम्बाब्वे को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद लगा कि ये दोनों टीम का स्कोर 200 के पार ले जाएंगे, लेकिन कृष्णा ने नगरवा को आउट कर साझेदारी तोड़ी और जिम्बाब्वे की टीम 189 रन पर आउट हो गई।
छोटे स्कोर का बचाव करने के लिए जिम्बाब्वे को शुरुआत में विकेट लेने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारत की सलामी जोड़ी ने 192 रन की साझेदारी कर मैच जीत लिया।
पावरप्ले में मैच हारा जिम्बाब्वे
जिम्बाब्वे की टीम ने यह मैच पावरप्ले में ही गंवा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने पावरप्ले में तीन अहम विकेट गंवा दिए और सिर्फ 31 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाजी करते हुए यह टीम पावरप्ले में कोई विकेट नहीं ले पाई और 43 रन लुटा दिए। इसके बाद जिम्बाब्वे के लिए मैच जीतना बहुत मुश्किल हो गया था।
ट्रॉफी के साथ जिम्बाब्वे के कप्तान रेजिस चकाबवा और भारतीय टीम के कप्तान केएल राहुल
- फोटो : सोशल मीडिया
दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
भारत के लोकेश राहुल का बतौर कप्तान यह पांचवां मैच था और उन्होंने पहली बार जीत हासिल की। राहुल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और भारतीय गेंदबाजों ने उनके फैसले को सही साबित किया। राहुल ने सही तरीके से अपने गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और जिम्बाब्वे को 189 रन पर रोक दिया। हालांकि, उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन बतौर बल्लेबाज अभी उनकी फॉर्म की परीक्षा बाकी है।
जिम्बाब्वे के कप्तान रेजिस चकाबवा के लिए यह मैच कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने अकेले लड़ने का जज्बा दिखाया और 51 गेंद में 35 रन बनाए, लेकिन अपनी टीम को अच्छे स्कोर तक नहीं ले जा पाए। क्रीज पर जमने के बाद वो अक्षर पटेल की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। गेंदबाजी के दौरान उन्होंने आठ खिलाड़ियों से गेंदबाजी कराई, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली।
शतकीय साझेदारी के दौरान शुभमन गिल और शिखर धवन
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। दीपक चाहर ने चोट के बाद शानदार वापसी की। चाहर, कृष्णा और अक्षर ने तीन-तीन विकेट लिए और जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। बल्लेबाजी में शिखर धवन और शुभमन गिल की जोड़ी ने एक बार फिर कमाल किया और 192 रन की साझेदारी कर भारत को 10 विकेट से जीत दिलाई।
नकारात्मक पहलूः जिम्बाब्वे के आठ विकेट 110 रन पर गिराने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने 189 रन बनाने दिए। नौवें विकेट के लिए पुछल्ले बल्लेबाजों के 70 रन की साझेदारी करने देना चिंता का विषय है। बड़ी टीमों के खिलाफ ऐसी चीजें ही जीत हार का अंतर बनती हैं। विकेटकीपिंग में संजू सैमसन ने कैच छोड़े, उन्हें इसमें सुधार करना होगा। बल्लेबाजी में ओपनिंग जोड़ी ने कमाल किया, लेकिन कप्तान राहुल की परीक्षा बाकी है।
जिम्बाब्वे के ओपनर्स काया और मारुमानी
- फोटो : सोशल मीडिया
जिम्बाब्वे के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः इवांस और नगरवा की जोड़ी ने नौवें विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी कर नई उम्मीद जगाई है। ये दोनों आने वाले मैचों में मैच जिताऊ साझेदारी भी कर सकते हैं, क्योंकि दोनों बल्लेबाज तेजी से रन बना सकते हैं। कप्तान चकभवा ने भी 35 रन की जुझारू पारी खेली। बाकी दोनों मैच में ये खिलाड़ी अपनी टीम को जीत दिला सकते हैं।
नकारात्मक पहलूः टीम के शुरुआती चार बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए। सबसे ज्यादा 35 रन कप्तान चकाभवा ने बनाए। वनडे मैच जीतने के लिए कम से कम दो खिलाड़ियों को बड़ी पारी खेलनी पड़ती है, लेकिन टीम का कोई बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं लगा पाया। वहीं, गेंदबाजी में भी आठ गेंदबाज मिलकर एक विकेट नहीं ले पाए। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने 30.5 ओवर में कोई विकेट नहीं लिया और 192 रन लुटा दिए।