फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज से टीम इंडिया को क्या हासिल हुआ? अब भी कहां रह गई है कमी, जानें

Tue, 25 Jul 2023 12:36 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ऑफ स्पेन

सार

यशस्वी को डेब्यू करने का मौका दिया गया और उन्होंने इस मौके को पूरी तरह से भुनाया। टेस्ट डेब्यू पर डेब्यू पारी में यशस्वी ने शतक जड़ा और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन शॉट्स लगाए। वहीं, शुभमन के लिए बैटिंग पोजिशन बदलना अच्छा नहीं रहा।
विज्ञापन
खेल जगत की रोचक खबर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम किया। यह सीरीज टीम इंडिया 2-0 से अपने नाम कर सकती थी, लेकिन दूसरा टेस्ट बारिश से धुल गया। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद भारतीय टीम के लिए नए चक्र की शुरुआत आसान नहीं थी। चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए कई सीनियर को ड्रॉप कर कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया था। यह प्रयोग कुछ हद तक सफल रहा। भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज से कई सकारात्मक चीजें हासिल हुईं। आइए जानते हैं...
विज्ञापन
Trending Videos

भारतीय टीम के लिए कौन सी चीजें सकारात्मक रहीं?

भारतीय टीम - फोटो : सोशल मीडिया
1. अश्विन की टेस्ट टीम में शानदार वापसी
भारतीय टीम मैनेजमेंट ने WTC फाइनल की प्लेइंग-11 से रविचंद्रन अश्विन को ड्रॉप कर दिया था। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों टेस्ट में उन्हें खिलाया गया और अश्विन ने टेस्ट टीम में शानदार वापसी की। भारत के इस दिग्गज स्पिनर ने दो टेस्ट में 12 विकेट लिए। इनमें दो बार पारी में पांच विकेट शामिल है। 

2. यशस्वी जायसवाल के रूप में एक शानदार ओपनर

यशस्वी जायसवाल - फोटो : सोशल मीडिया
यशस्वी को डेब्यू करने का मौका दिया गया और उन्होंने इस मौके को पूरी तरह से भुनाया। टेस्ट डेब्यू पर डेब्यू पारी में यशस्वी ने शतक जड़ा और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन शॉट्स लगाए। यशस्वी ने जरूरत के समय गियर भी बदला। दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने रोहित के साथ मिलकर तेज शुरुआत दिलाई। यशस्वी वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। दो मैचों की तीन पारियों में यशस्वी ने 88.67 की औसत से 266 रन बनाए। इसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। 

3. फॉर्म में लौटे कप्तान रोहित शर्मा

रोहित शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
पिछले कुछ समय से रोहित के फॉर्म को लेकर काफी बातें हो रही थीं। रोहित बल्ले से कुछ खास नहीं दिख रहे थे, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। सबसे जरूरी बात यह रही कि उन्होंने जरूरत के हिसाब से बैटिंग की। रोहित के शॉट्स में सकारात्मकता दिखी और वह पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते दिखे। रोहित यशस्वी के बाद सीरीज में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन पारियों में 80 की औसत से 240 रन बनाए। इनमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। यानी तीनों पारियों में उनका स्कोर 50+ का रहा। 

4. बैटिंग के किंग कोहली की वापसी

शतक लगाने के बाद विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
विराट कोहली वनडे में तो खूब रन बना रहे थे, लेकिन टेस्ट में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। 2019 से लेकर इस साल मार्च तक इस फॉर्मेट में उनके बल्ले से शतक नहीं निकल रहा था। मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में वह कुछ खास नहीं कर सके थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कोहली ने दो मैचों की दो पारियों में 98.50 की औसत से 197 रन बनाए। एक पारी में उन्होंने अर्धशतक जड़ा तो दूसरे में 121 रन की पारी खेली। 

5. भारत को टेस्ट में नया स्ट्राइक बॉलर मिला

मोहम्मद सिराज - फोटो : सोशल मीडिया
मोहम्मद सिराज पिछले कुछ समय से भारत के नए स्ट्राइक बॉलर बन कर उभरे हैं। 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा और 2021 में इंग्लैंड के दौरे ने सिराज के टेस्ट करियर में चार चांद लगा दी। बुमराह और शमी की गैरमौजूदगी में सिराज ने स्ट्राइक बॉलर की जिम्मेदारी अच्छे से संभाली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट में उन्होंने सात विकेट लिए। इनमें एक फाइव विकेट हॉल भी शामिल है। वह अश्विन के बाद रवींद्र जडेजा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।

6. ईशान और मुकेश का ड्रीम डेब्यू

ईशान किशन और मुकेश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
यशस्वी की तरह वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विकेटकीपर ईशान किशन और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार को भी डेब्यू का मौका मिला। इन दोनों ने अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल जीता। ईशान विकेट के पीछे भी शानदार दिखे और अपने गेंदबाजों और फील्डर्स को लगातार मोटिवेट करते दिखे। वहीं, पहले टेस्ट में ईशान को ज्यादा बैटिंग का मौका नहीं मिला था। दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में जब टीम इंडिया को आक्रामक बल्लेबाजी करनी थी तो ईशान ने 33 गेंदों पर टेस्ट करियर का अपना पहला अर्धशतक लगाया। 

वहीं, मुकेश को दूसरे टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने भले ही दो विकेट लिए, लेकिन सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। मुकेश सीम के लिए जाने जाते हैं और पिच अगर मददगार हो तो वह कहर बरपा सकते हैं। 

कहां रह गई कमी?



1. तीसरे नंबर पर कुछ खास नहीं दिखे शुभमन गिल
यशस्वी के डेब्यू की वजह से शुभमन गिल को अपनी बैटिंग पोजिशन बदलनी पड़ी। उन्हें तीसरे स्थान पर भेजा गया। इस बैटिंग पोजिशन पर पहले चेतेश्वर पुजारा बल्लेबाजी कर रहे थे। इस स्थान के लिए भारतीय टीम को किसी नए खिलाड़ी की तलाश थी, लेकिन शुभमन भी कुछ खास नहीं दिखे। पहले टेस्ट में जहां वो छह रन बनाकर आउट हुए, वहीं दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 10 रन बना सके। हालांकि, इतनी जल्दी किसी को जज नहीं किया जा सकता, वह भी उस खिलाड़ी को जो कि आने वाले समय में टीम इंडिया का भविष्य माना जा रहा है। दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में शुभमन ने जरूर 29 रन की नाबाद पारी खेली। 

2. रहाणे का फॉर्म फिर खराब



वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले श्रेयस अय्यर और केएल राहुल के चोटिल होने के बाद अजिंक्य रहाणे को चुना गया। उन्होंने इस मौका का बखूबी फायदा उठाया और शानदार पारी खेली थी। इस पारी ने उन्हें वेस्टइंडीज दौरे के लिए उपकप्तान बना दिया, लेकिन दो मैचों में वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके। पहले टेस्ट में जहां वह तीन रन बना सके तो दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ आठ रन बनाए। श्रेयस और राहुल लगभग फिट हो चुके हैं। ऐसे में रहाणे अगर अच्छी बल्लेबाजी नहीं करते हैं तो टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

3. टेस्ट में कुछ खास नहीं दिखे जयदेव उनादकट



उनादकट को वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों टेस्ट में मौका मिला, लेकिन रेड बॉल से वह कुछ खास नहीं दिखे। पहले टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने सात ओवर में 17 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला। दूसरी पारी में दो ओवर में एक रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 16 ओवर गेंदबाजी की और 44 रन लुटाए, लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके। वहीं, दूसरी पारी में उनादकट ने तीन ओवर गेंदबाजी की और कोई विकेट नहीं ले सके। ऐसे में उनादकट को आगे टेस्ट सीरीज में ड्रॉप किया जा सकता है।
विज्ञापन

भारत को अब दिसंबर से पहले कोई टेस्ट नहीं खेलना है। दिसंबर में टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी। वहां टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। तब तक बुमराह, राहुल, श्रेयस और प्रसिद्ध कृष्ण फिट हो जाएंगे। ऐसे में रहाणे और उनादकट की टीम में जगह खतरे में पड़ती दिखाई पड़ रही है। ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में ईशान को एक बार फिर मौका मिल सकता है। हालांकि, अभी दक्षिण अफ्रीका दौरे में काफी देरी है। क्रिकेट में समीकरण काफी जल्दी बदलते रहते हैं, लेकिन अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति के लिए आगे कुछ भी आसान नहीं रहने वाला है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें