भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल की जमकर तारीफ की है और उनके आलोचकों को सख्त जवाब दिया है। इंग्लैंड दौरे पर गिल के शानदार प्रदर्शन और कप्तानी की सराहना करते हुए गंभीर ने कहा कि 25 साल की उम्र में गिल ने सबसे कठिन परीक्षा पास कर ली है। बता दें कि, गिल के नेतृत्व में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की थी। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ फिलहाल जारी दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला भी भारत ने जीता और 1-0 से बढ़त बनाई। अब दिल्ली में इस सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है।
'उसने दबाव को भरपूर संभाला'
टेस्ट टीम के अलावा शुभमन गिल को वनडे टीम की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह रोहित शर्मा की जगह लेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और मुख्य कोच गौतम गंभीर के इस फैसले का सोशल मीडिया पर अकसर विरोध होता है। हालांकि, अब गंभीर ने गिल के आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, 'मुझे याद है, जब हमने उसे टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी थी, मैंने साफ कहा था, हमने तुम्हें गहरे समुद्र में फेंक दिया है। या तो तुम डूब जाओगे या फिर विश्वस्तरीय तैराक बन जाओगे। मेरे लिए उसके बनाए गए 750 रन नहीं, बल्कि यह मायने रखता है कि उसने दबाव को किस तरह संभाला।'
'वो आलोचनाओं से ऊपर उठ चुका है'
इस दौरान गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड दौरा गिल के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा थी। उन्होंने आगे कहा, 'मुझे नहीं लगता कि उसे अपने करियर में इससे कठिन हालात का सामना करना पड़ेगा। इंग्लैंड की बैटिंग यूनिट बेहद खतरनाक थी और हमारी टीम अनुभवहीन। लेकिन शुभमन ने जिस परिपक्वता से टीम को लीड किया, वह काबिले-तारीफ है। ओवल टेस्ट के बाद मैंने उससे कहा था...तुम अपनी सबसे कठिन परीक्षा पास कर चुके हो।'
गंभीर ने यह भी कहा कि गिल अब आलोचनाओं से ऊपर उठ चुके हैं और उनके लिए चीजें अब आसान हो जाएंगी। उन्होंने कहा, 'उसने बहुत आलोचना झेली है। लेकिन आप किसी 24-25 साल के खिलाड़ी से हर समय 50 का औसत नहीं मांग सकते। उसकी क्षमता को देखते हुए मुझे इंग्लैंड के खिलाफ उसके 750 रन बनाने पर कोई हैरानी नहीं हुई।'
गिल को मिला गंभीर का साथ
गंभीर का मानना है कि गिल अब पूरी तरह तैयार हैं और अपनी कप्तानी का बचाव करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड सीरीज में दबाव हर किसी पर था, लेकिन सबसे ज्यादा गिल पर। बावजूद इसके, उसने कभी निराशा नहीं दिखाई। वह इस सफलता का हकदार है। जब भी मुश्किल समय आएगा, मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा और आलोचनाओं को उसके साथ झेलूंगा।' गंभीर के इन बयानों से साफ है कि टीम इंडिया के कोच को अपने युवा कप्तान शुभमन गिल पर पूरा भरोसा है और वे हर परिस्थिति में उनके पीछे खड़े रहेंगे।