उतार-चढ़ाव वाला रहा प्रदर्शन
पिछले पांच साल में पुजारा का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव वाला रहा है। अनुभव के आधार पर उन्हें लगातार मौके मिलते रहे। कुछ पारियों में उन्होंने शतक लगाए बिना भी कमाल की बल्लेबाजी की, लेकिन वह काफी नहीं था। टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उनकी खराब बल्लेबाजी ने आखिरकार उन्हें टीम से बाहर ही कर दिया। चयनकर्ताओं ने यह सोच लिया कि अब उनके बिना ही आगे बढ़ेंगे।
पिछले छह टेस्ट में पुजारा का प्रदर्शन
| खिलाफ |
जगह |
पहली पारी |
दूसरी पारी |
| बांग्लादेश |
मीरपुर |
24 |
6 |
| ऑस्ट्रेलिया |
नागपुर |
7 |
- |
| ऑस्ट्रेलिया |
दिल्ली |
0 |
31* |
| ऑस्ट्रेलिया |
इंदौर |
1 |
59 |
| ऑस्ट्रेलिया |
अहमदाबाद |
42 |
- |
| ऑस्ट्रेलिया |
ओवल |
14 |
27 |
तीन नंबर पर कौन खेलेगा?
पुजारा के नहीं होने का मतलब है कि भारत के लिए तीसरे नंबर पर कोई नया बल्लेबाज उतरेगा। 35 साल के पुजारा ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में 14 और 27 रन की पारी ही खेली थी। अगर शुभमन गिल को तीसरे नंबर पर नहीं ढकेला जाता है तो यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है।