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एनालिसिस: क्या वेंकटेश ने हार्दिक पांड्या का पत्ता साफ किया? रोहित के कप्तान बनते ही दूर हुई टीम इंडिया की सबसे बड़ी समस्या

Mon, 21 Feb 2022 06:21 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

वेंकटेश अय्यर का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप होना है और भारत को वहां एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरूरत होगी। वेंकटेश इसमें अहम किरदार निभा सकते हैं।
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भारत बनाम वेस्टइंडीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही है। विराट कोहली ने टी-20 विश्व कप के बाद टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें वनडे की कप्तानी से भी हटाया गया था। इसके बाद रोहित टी-20 और वनडे दोनों में रेगुलर कैप्टन बनाए गए। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने दो टी-20 सीरीज और एक वनडे सीरीज खेली है और तीनों में विपक्षी टीम को क्लीन स्वीप किया है। इसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2021 में 3-0 की जीत और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज में 3-0 की जीत शामिल है। 
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वेंकटेश अय्यर भारत के लिए मैच विनर बनकर उभरे
कप्तान बनने के बाद रोहित ने लगातार नए खिलाड़ियों को मौका दिया है और उन्होंने टीम इंडिया के झोली में जीत डाली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, लेकिन इसके बावजूद रोहित उन्हें मौका देते रहे और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में वह मैच विनर बनकर उभरे। वेंकटेश ने विंडीज के खिलाफ आखिरी टी-20 में जबरदस्त पारी खेली और साथ ही कीरोन पोलार्ड और जेसन होल्डर जैसे दो महत्वपूर्ण विकेट भी झटके। 

वेंकटेश अय्यर - फोटो : अमर उजाला
वेंकटेश अय्यर बड़ी हिट लगाने में माहिर हैं 
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में वेंकटेश भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों में 92 की औसत और 184 के स्ट्राइक रेट से 92 रन बनाए। आखिरी टी-20 में उन्होंने सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर 37 गेंदों पर 91 रन की साझेदारी कर भारत को 184 रन तक पहुंचाया था। वेंकटेश बड़ी हिट लगाने में माहिर हैं और आईपीएल 2021 में ही उन्होंने अपनी क्षमता से सबको अवगत कराया था। 

वेंकटेश अय्यर ने टीम में हार्दिक पांड्या की जगह ली
वेंकटेश का चलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप होना है और भारत को वहां एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरूरत होगी। वेंकटेश इसमें अहम रोल अदा कर सकते हैं। 2021 टी-20 विश्व कप में हार्दिक पांड्या का जिस तरह का प्रदर्शन रहा था और उसके बाद बीसीसीआई का लगातार उन्हें नजरअंदाज करना बताता है कि वेंकटेश काफी हद तक टीम इंडिया के प्लान में हैं। 



रोहित की कप्तानी में दूर हुई सबसे बड़ी समस्या
वेंकटेश अगर इसी तरह अपना प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उन्हें हार्दिक का टीम से पत्ता साफ करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। वेंकटेश में एक अच्छे ऑलराउंडर की पूरी काबीलियत भी दिखती है। इसके साथ ही वह ओपनर से लेकर लोअर ऑर्डर तक किसी भी बल्लेबाजी क्रम में खेलने की क्षमता रखते हैं। रोहित के कप्तान बनते और वेंकटेश के टीम में आते ही एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की सबसे बड़ी परेशानी लगभग दूर हो गई है। कप्तान रोहित ने पहले ही श्रेयस अय्यर जैसे शानदार बल्लेबाज को साफ कर दिया है कि टीम में एक ऑलराउंडर की जरूरत है और वह वेंकटेश को मौका देते रहेंगे। 

सूर्यकुमार के रूप में मिला एक भरोसेमंद बल्लेबाज
इसके अलावा टीम इंडिया को सूर्यकुमार यादव के रूप में मध्यक्रम में एक शानदार बल्लेबाज भी मिल गया है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में बता दिया कि श्रेयस पर उन्हें तरजीह दिया जाना क्यों सही था। सूर्यकुमार विंडीज के खिलाफ सीरीज में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों की तीन पारियों में 53.50 की औसत और 194.54 के स्ट्राइक रेट से 107 रन बनाए। इसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। सूर्यकुमार अगर फिट रहे तो उनका टी-20 विश्व कप के स्क्वॉड में चुना जाना तय है।

सूर्यकुमार यादव - फोटो : अमर उजाला
ईशान किशन को सुधारना होगा प्रदर्शन
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस साल आईपीएल मेगा ऑक्शन के सबसे महंगे प्लेयर रहे। उन्हें मुंबई इंडियंस ने 15.25 करोड़ रुपये में खरीदा, लेकिन इस टी-20 सीरीज में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। वे तीन पारियों में 23.66 की औसत ओर 85.54 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 71 रन बना सके।

कप्तान रोहित को उन पर काफी भरोसा है और उन्हें अगर टी-20 विश्व कप के टीम में अपनी जगह पक्की करनी है, तो प्रदर्शन में सुधार करना होगा। केएल राहुल की वापसी के बाद ईशान को प्लेइंग-11 में जगह बना पाना वैसे ही मुश्किल हो सकता है। अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो स्क्वॉड में भी जगह बनाना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।



रवि बिश्नोई विंडीज के खिलाफ सीरीज की नई खोज
कप्तान रोहित ने इस सीरीज में युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को मौका दिया और उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीन मैचों में महज 6.33 की इकोनॉमी रेट से रन दिए और तीन विकेट भी चटकाए। वह भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की वापसी के बाद भारत का स्पिन आक्रमण दिलचस्प रहने वाला है। 
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तेज गेंदबाजी में भी दिखी धार
भुवनेश्वर कुमार का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन भले ही लचर रहा था, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने जबरदस्त गेंदबाजी की। दीपक चाहर ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। जसप्रीत बुमराह की वापसी के बाद भारत का पेस बॉलिंग डिपार्टमेंट भी मजबूत हो जाएगा।



टीम इंडिया के पास बैकअप के तौर पर शार्दुल ठाकुर, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षल पटेल और मोहम्मद सिराज और आवेश खान जैसे गेंदबाज मौजूद हैं। हर्षल पटेल ने भी वेस्टइंडीज के खिलाफ डेथ ओवर में अच्छी गेंदबाजी की थी। वह इस सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों में पांच विकेट चटकाए। उनका इकोनॉमी रेट 8.75 का रहा। 
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