आखिरी ओवरों में तेजी से बल्लेबाजी करते हुए दोनों खिलाड़ियों ने 15 साल पुराने एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सूर्यकुमार और वेंकटेश ने डेथ ओवरों में (16 से 20 ओवर) 86 रनों की साझेदारी की। यह भारत का डेथ ओवरों में सबसे ज्यादा रन है। इससे पहले भारत ने 2007 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 वर्ल्ड कप में 80 रन बनाए थे। उस मुकाबले में युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के छह गेंदों पर छह छक्के लगाए थे। युवराज ने 12 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था।
डेथ ओवरों (16 से 20 ओवर) में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
| रन |
खिलाफ |
जगह |
साल |
| 86 |
वेस्टइंडीज |
कोलकाता |
2022 |
| 80 |
इंग्लैंड |
डरबन |
2007 |
| 77 |
ऑस्ट्रेलिया |
बेंगलुरु |
2019 |
| 75 |
दक्षिण अफ्रीका |
ग्रॉस आइसलेट |
2010 |
| 74 |
पाकिस्तान |
अहमदाबाद |
2012 |
93 रन पर गिर चुके थे भारत के चार विकेट
भारत की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी। 206 दिनों बाद अंतरारष्ट्रीय मैच खेलने उतरे ऋतुराज गायकवाड़ मौके का फायदा नहीं उठा सके। वे चार रन बनाकर जेसन होल्डर की गेंद पर काइल मेयर्स को कैच थमा बैठे। उनके आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने दूसरे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी की। 63 रन के स्कोर पर टीम इंडिया को दूसरा झटका लगा। विराट कोहली की जगह खेल रहे श्रेयस अय्यर 16 गेंदों पर 25 रन बनाकर हेडेन वॉल्श जूनियर की गेंद पर होल्डर को कैच थमा बैठे।
अय्यर के आउट होने के बाद अगले ही ओवर में ईशान किशन ने अपना विकेट गंवा दिया। वे 31 गेंद पर 34 रन बनाने के बाद रोस्टन चेज की गेंद पर बोल्ड हो गए। चौथे क्रम पर उतरे कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ सात रन बना सके। उन्हें डोमिनिक ड्रैक्स ने क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद वेंकटेश और सूर्यकुमार यादव ने तूफानी पारी खेली। सूर्यकुमार ने 31 गेंद की पारी में सिर्फ एक चौका लगाया। उन्होंने सात लंबे-लंबे छक्के लगाए। अय्यर ने 19 गेंद की पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए।