भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। चार मैचों के बाद दोनों टीमें दो-दो की बराबरी पर हैं और अब शनिवार को सीरीज का निर्णायक मुकाबला बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज के शुरुआती चारों मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा देखने मिला है। ऐसा नहीं है कि भारत की बल्लेबाजी खराब रही है, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ मध्य ओवरों में विकेट गिरना उसके लिए भारी पड़ रहे हैं।
इन ओवरों में गिर रहे सर्वाधिक विकेट
हैदराबाद में वेस्टइंडीज की तरफ से मिले 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने छह ओवर में दो विकेट पर 80 रन बनाए थे। अगले छह ओवर में भारतीय टीम ने महज 65 रन जोड़े और तीन अहम विकेट गंवा दिए। इससे टीम को वह झटका लगा, जिसका खामियाजा आखिर में 24 रन की हार के तौर पर सामने आया। मौजूदा सीरीज में यह पहला मौका नहीं था, जब टीम इंडिया पर बल्लेबाजी के दौरान मध्य ओवरों में अचानक कई विकेट गिर जाना इस तरह भारी पड़ा है।
सीरीज के पहले मैच को छोड़ दें तो तीसरे मुकाबले में भी उसके मैच जीत जाने के चलते इस पर ज्यादा चर्चा नहीं उठी। लेकिन रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भी टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था। रांची में खेले गए उस मुकाबले में आखिरी स्कोर भले ही बेहद विशाल था, असल में टीम को वहां भी मध्य ओवरों में अचानक विकेट गिरने का नुकसान उठाना पड़ा था। दरअसल, इस सीरीज में भारतीय टीम का बल्लेबाजी करते समय मध्य ओवरों में प्रदर्शन औसत से थोड़ा कमजोर लगता है। खासकर इंदौर में 10 ओवर में पांच विकेट गंवाने और हैदराबाद में बड़े लक्ष्य के दबाव में अचानक गिरे तीन विकेटों के चलते निचले क्रम पर बढ़े दबाव के कारण मिली हार में यह कमजोरी साफ झलकती है।
भारतीय टीम
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क्यों है चिंता की बात?
- और ज्यादा बड़े बन सकते थे स्कोर: भारत के मध्य ओवरों में अचानक विकेट खोने का असर रनरेट पर पड़ता है और टीम बड़ा स्कोर तो बना रही है। पर यह स्कोर इससे भी बड़ा हो सकता था।
- विकेट गिरने के चलते आता है दबाव: रांची, इंदौर व हैदराबाद के मैचों में दिखा कि 7-16 ओवर के बीच लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ता है, जिसके चलते निचला क्रम प्रभावी साबित नहीं हो रहा।
- बनना होगा एंकर: पहले मैच में श्रेयस अय्यर मध्य ओवरों में एंकर बने थे और मैच करीब सात ओवर पहले जिता दिया था। अगले तीनों मैच में कोई भी मध्य ओवर में एंकर नहीं बना। इससे विकेट अचानक गिरते हैं और टीम को नुकसान होता रहा है।
अतीत में मध्य ओवर रहे हैं मजबूती
07 से 16 के बीच के ओवर भारतीय टीम की मजबूती रहे हैं। भारत का 9.45 का औसतन रनरेट जनवरी 2024 से रहा है। पूर्ण सदस्य देशों में रनरेट के हिसाब से टीम एक नंबर पर रही है। अतीत में मध्य ओवर भारत का मजबूत पक्ष रहे थे, लेकिन अब यही टीम इंडिया की कमजोरी बनते जा रहे हैं। भारत ने 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद अब घर में वेस्टइंडीज ने जिस तरह से उसे चुनौती दी है, वो चिंता की बात है।
सुनील गावस्कर भारतीय बल्लेबाजों पर भड़के
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गावस्कर बोले - ज्यादा जिम्मेदारी दिखाएं भारतीय बल्लेबाज
भारतीय टीम के प्रदर्शन पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी राय रखी। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों से जिम्मेदारी से खेलने कहा। उन्होंने कहा, भारतीय टीम को सबसे पहले लक्ष्य का पीछा करने के तरीके में सुधार की जरूरत है। बल्लेबाजों को ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी होगी। अगर वे जिम्मेदारी नहीं लेते हैं, तो यह भारतीय टीम सफल नहीं होगी। ओस वाली पिच पर, आपको बल्ले से ऐसा दबदबा दिखाना चाहिए जैसा लगातार दो टी20 विश्व कप विजेता टीम से उम्मीद होती है, पर ऐसा कतई नहीं दिखा।