दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह मैच बेहद खराब रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए वो मैच की पहली गेंद पर खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। इसके बाद गेंदबाजी के समय उनकी कप्तानी समझ से परे रही। बासेतेरे की पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। ओबेड मैकॉय ने पहली पारी में छह विकेट भी लिए थे, लेकिन रोहित ने भुवनेश्वर कुमार को सिर्फ दो ओवर दिए। भले ही भुवी ने दो ओवर में सिर्फ 12 रन दिए थे। छोटे लक्ष्य का बचाव करने के लिए वेस्टइंडीज के विकेट गिराना जरूरी था और भुवनेश्वर मौजूदा टीम में सबसे अनुभवी और काबिल गेंदबाज थे, लेकिन उनसे पूरे चार ओवर न कराना समझ से परे था।
वेस्टइंडीज के कप्तान पूरन के लिए यह दिन बेहद अच्छा रहा। पहले उन्होंने टॉस जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया। ओबेड मैकॉय ने छह विकेट लेकर उनके फैसले को सही साबित किया। पूरन ने अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल कर भारत को 138 रन पर रोका। हालांकि, वो बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन अपनी टीम को जीत दिलाने में सफल रहे।
भारत के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः चौथे नंबर पर ऋषभ पंत ने तेजी से रन बनाए। उन्होंने बड़ी पारी नहीं खेली, लेकिन अच्छी लय में दिखे। टी20 में उनका फॉर्म में रहना भारत के लिए बेहद जरूरी है।
नकारात्मक पहलूः एक बार फिर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने पूरी टीम को समेट दिया। पिछले कुछ सालों में कई बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम बाएं हाथ के किसी तेज गेंदबाज को नहीं खेल पाई और अकेले एक गेंदबाज ने भारत को हरा दिया। इस मैच में भी ऐसा ही हुआ। हार्दिक को छोड़ कोई बल्लेबाज 30 रन के पार भी नहीं जा सका। टीम इंडिया पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई। पावरप्ले में 56 रन बनाने वाले भारत ने बाकी 13.4 ओवर में सिर्फ 82 रन बनाए।