भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुक्रवार (चार मार्च) को मोहाली में शुरू हुई। दूसरा टेस्ट 12 मार्च से बेंगलुरु में खेला जाएगा। दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने टीम इंडिया की कप्तानी टेस्ट में पहली बार की। वे भारत के 35वें टेस्ट कप्तान हैं। हिटमैन ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम तो लिखवा लिया, लेकिन बतौर कप्तान पहली पारी में कुछ खास नहीं कर सके। वे 29 रन बनाकर ही आउट हो गए। वे बड़ी पारी नहीं खेल सके।
बतौर कप्तान भारत के लिए पहली पारी में विराट कोहली ने 147 रन बनाए थे। वहीं, सुनील गावस्कर ने 116 रन बनाए थे। सौरव गांगुली शतक लगाने से चूक गए थे और साल 2000 में बांग्लादेश के खिलाफ 84 रन बनाकर आउट हुए थे। रोहित 50 के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके थे। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी रोहित की तरह पहली पारी में कमाल नहीं दिखा सके थे। वे सिर्फ 10 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1996 में आउट हो गए थे।
सबसे ज्यादा टेस्ट में कप्तानी करने वाले 10 भारतीय और पहली पारी में उनका प्रदर्शन:
विराट कोहली: भारत के लिए सबसे ज्यादा 68 मैचों में कोहली ने कप्तानी है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली पारी में ही शतक ठोक दिया था। जनवरी 2015 में कोहली ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 230 गेंदों पर 147 रन बनाए थे।
महेंद्र सिंह धोनी: विराट के बाद धोनी ने 60 मैचों में टीम इंडिया की कमान संभाली थी। उन्होंने अनिल कुंबले के चोटिल होने के बाद 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कानपुर टेस्ट में पहली बार कप्तानी थी। माही ने बतौर कप्तान पहली पारी में 32 रन बनाए थे।
सौरव गांगुली: धोनी के बाद सौरव गांगुली ने 49 मैचों में भारत की कप्तानी की थी। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में साल 2000 में पहली बार टेस्ट में कप्तानी की थी। उन्होंने पहली पारी में 84 रन बनाए थे।
सुनील गावस्कर: सौरव गांगुली के बाद सुनील गावस्कर और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 47-47 टेस्ट में टीम की कमान संभाली थी। गावस्कर ने बिशन सिंह बेदी की अनुपस्थिति में ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1976 में पहली बार कप्तानी की थी। तब उन्होंने पहली पारी में 116 रन बनाए थे।
मोहम्मद अजहरुद्दीन: क्रिस श्रीकांत के बाद अजहरुद्दीन को भारत का कप्तान बनाया गया था। उन्होंने क्राइस्टचर्च में 1990 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार कप्तानी थी और पहली पारी में 48 रन बनाए थे।
मंसूर अली खान पटौदी: भारत के लिए 40 मैचों में कप्तानी करने वाले मंसूर अली खान पटौदी (नवाब पटौदी) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1962 में पहली बार कप्तानी की थी। नियमित कप्तान नारी कांट्रैक्टर के चोटिल होने के कारण उन्होंने कप्तानी की थी। बारबाडोस के ब्रिजटाउन में खेले गए उस मैच में पटौदी ने पहली पारी में 48 रन बनाए थे।
कपिल देव: भारत के इस पूर्व स्टार ऑलराउंडर ने 34 टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी की थी। उन्होंने पहली बार वेस्टइंडीज के खिलाफ 1983 में टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी की थी। जमैका में खेले गए उस टेस्ट की पहली पारी में कपिल देव ने पांच रन बनाए थे।
सचिन तेंदुलकर: दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में एक सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में 10 अक्टूबर 1996 को पहली बार कप्तानी करने का मौका मिला था। उन्होंने पहली पारी में 10 रन बनाए थे। तेंदुलकर ने 25 मैचों में टीम की कप्तानी की थी।
राहुल द्रविड़: सचिन तेंदुलकर के बराबर राहुल द्रविड़ ने भी 25 मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की थी। उन्होंने सौरव गांगुली की अनुपस्थिति में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2003 में पहली बार भारत की कप्तानी की थी। द्रविड़ ने बतौर कप्तान पहली पारी में 13 रन बनाए थे।
बिशन सिंह बेदी: बाएं हाथ के स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने 22 मैचों में भारत की कप्तानी की थी। बेदी को न्यूजीलैंड के खिलाफ 1976 में पहली बार कप्तानी करने का मौका मिला था। उन्होंने पहली पारी में 30 रन बनाए थे।