भारत अपनी अंतिम एकादश में शायद ही बदलाव करेगा क्योंकि वह शृंखला जीतने के बाद तीसरे वनडे में अन्य युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहेगा। केवल मनीष पांडेय का स्थान खतरे में लगता है जिन्होंने 40 गेंदों पर संघर्षपूर्ण 26 रन बनाए। शॉ ने अपने वापसी वाले मैच में कुछ जानदार स्ट्रोक लगाए लेकिन वह बड़ा स्कोर नहीं बना सके। दूसरे मैच में वह इसकी भरपाई करना चाहेंगे।
लंबे अर्से बाद स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को एक साथ गेंदबाजी करते हुए देखा गया। उन्होंने फिर से साबित किया कि जोड़ी के तौर पर वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। स्पिनरों ने अधिकतर ओवर किए और लेकिन तब भी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने भी पांच ओवर करके उम्मीदें जगाई। सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार प्रभाव नहीं छोड़ सके। अगले मैच में वह भी इसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे।
श्रीलंका को यदि मैच जीतना है तो उसके खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इस अनुभवहीन टीम ने दिखाया कि उसके पास चुनौती पेश करने के लिए प्रतिभा है लेकिन अभी उन्हें जीतना सीखना होगा। अधिकतर बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। उन्हें भारत को चुनौती देने के लिए बड़ी पारियां खेलनी होंगी। गेंदबाजों को भी अतिरिक्त प्रयास करने होंगे तभी वे भारत की मजबूत बल्लेबाजी पर दबाव बना सकते हैं। दोनों टीमें इस धीमी पिच पर लक्ष्य का पीछा करना पसंद करेंगी क्योंकि बाद में पिच बल्लेबाजी के लिए अधिक अनुकूल लग रही थी।
भारत :
शिखर धवन (कप्तान), पृथ्वी शॉ, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, सूर्यकुमार यादव, मनीष पांडेय, नितीश राणा, इशान किशन, संजू सैमसन, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, कृष्णप्पा गौतम, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, राहुल चाहर, दीपक चाहर, भुवनेश्वर कुमार, चेतन सकारिया, नवदीप सैनी।
श्रीलंका :
दासुन शनाका (कप्तान), धनंजय डिसिल्वा, अविष्का फर्नांडो, भानुका राजपक्षे, पथुम निसंका, चरित असलंका, वनिन्दु हसरंगा, आशेन बंडारा, मिनोद भानुका, लाहिरु उदारा, रमेश मेंडिस, चमिका करुणारत्ने, दुष्मंथा, लक्षण संदाकन, अकिला धनंजय, शिरन फर्नांडो, धनंजय लक्षण, इशान जयरत्ने, प्रवीण जयविक्रमा, असिथा फर्नांडो, कसुन रजिता, लाहिरू कुमारा, इसुरु उदाना