श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन बेहतरीन फील्डिंग का नजारा देखने मिला। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपनी शानदार फील्डिंग से सभी को आकर्षित कर दिया। मैच के दौरान गिल ने एक हाथ से शानदार कैच लपका, जिसने श्रीलंकाई बल्लेबाज कामिंदु मेंडिस की पारी का अंत कर दिया। इस बेहतरीन प्रयास ने मैदान पर मौजूद सभी दर्शकों और कमेंटेटरों का दिल जीत लिया और साथ ही भारतीय खेमे में जोश भर दिया।
छलांग लगाकर पकड़ा हैरतअंगेज कैच
श्रीलंकाई पारी के दौरान जब स्पिनर कुलदीप यादव गेंदबाजी करने आए तो कामिंदु मेंडिस ने क्रीज से बाहर निकलकर कुलदीप की गेंद को थोड़ा और आगे की तरफ खेलने का प्रयास किया और एक्स्ट्रा कवर की दिशा में एक तेज एवं ऊंचा शॉट जड़ दिया। गेंद तेजी हवा में थी और पास खड़े शुभमन गिल ने शानदार प्रयास कर एक हाथ से कैच पकड़ा। गिल ने बिना एक पल गंवाए अपनी बाईं ओर हवा में पूरी ताकत से छलांग लगाई और एक हाथ से कैच लपक लिया। गिल का यह कैच देखकर खुद मेंडिस भी चौंक गए और पवेलियन की तरफ चल दिए।
कैच पूरा करने के बाद भारतीय कप्तान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत गेंद को हवा में उछाला इस शानदार प्रयास का जश्न मनाया। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम की फील्डिंग, विशेषकर कैंच को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन गिल ने जिस तरह मेंडिस का कैच पकड़ा उससे यह पता चलता है कि भारतीय खिलाड़ियों ने फील्डिंग में मेहनत की है।
इस महत्वपूर्ण सफलता ने गॉल की पिच पर स्पिन गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ संघर्ष करने वाली श्रीलंकाई टीम पर शिकंजा कस दिया। गिल का यह जादुई कैच ऐसे अहम मोड़ पर आया जब भारतीय टीम पहले से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम को लड़खड़ाने के मौके तलाश रही थी। इस शानदार विकेट के गिरने से भारतीय गेंदबाजों का आत्मविश्वास और अधिक बढ़ गया और मैच पर भारत की पकड़ मजबूत होती चली गई।
भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी लड़खड़ाई
बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने सटीक गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया। भारत ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाए। श्रीलंका को ठोस शुरुआत की जरूरत थी लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पारी की दूसरी ही गेंद पर ही उसे पहला झटका दे दिया। निशान फर्नांडो (00) सिराज की स्विंग लेकर बाहर की ओर जाती गेंद को नहीं समझ पाए और उन्होंने पहली स्लिप में खड़े देवदत्त पडिक्कल को कैच दे दिया। इससे श्रीलंका की टीम दबाव में आ गई जिसका भारतीय स्पिनरों ने पूरा फायदा उठाया। सुथार ने अपनी शानदार फ्लाइट, डिप और टर्न से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर कमाल दिखाया जब उनकी गेंद अनुभवी दिनेश चांदीमल (04) के बल्ले का हल्का सा किनारा लेकर ऋषभ पंत के सुरक्षित हाथों में चली गई।
लाहिरू उदरा (27) और कामिंदु मेंडिस (14) सहज नजर आ रहे थे। मेंडिस ने तो प्रसिद्ध कृष्णा पर पुल शॉट से छक्का भी जड़ा। उदरा ने भी सुथार की गेंदों पर कुछ चौके जड़े। लेकिन आखिर में सुथार ने तेजी से टर्न लेती गेंद पर उदरा को गली में खड़े यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच करा दिया। मेंडिस खुद को थोड़ा बदकिस्मत मानेंगे क्योंकि कुलदीप यादव की गेंद पर लगाया गया उनके ऊंचे शॉट को शुभमन गिल ने डाइव लगाकर कैच में बदल दिया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा (21) को पवेलियन का रास्ता दिखाया। धनंजय ने स्लिप में खड़े केएल राहुल को कैच दिया।
डिकवेला-सोनल की दमदार साझेदारी
लगातार झटकों के बाद सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला ने श्रीलंकाई पारी को संभाला। इन दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की और दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। श्रीलंका ने एक समय 90 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे, लेकिन सोनल और डिकवेला ने शानदार साझेदारी कर भारत को विकेट के लिए तरसा दिया।