अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका पहुंच चुकी है। इस सीरीज का पहला मैच 26 दिसंबर से खेला जाएगा। इस दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली के पास धोनी और राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ने का मौका रहेगा। टेस्ट सीरीज में पहली जीत हासिल करते ही विराट अफ्रीकी धरती पर सबसे सफल भारतीय कप्तान बन जाएंगे। इस मामले में कोहली पूर्व कप्तान महेंन्द्र सिंह धोनी और राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ देंगे।
अफ्रीका में अब तक तीन ही टेस्ट जीत पाया है भारत
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद खराब है। खासकर टेस्ट में टीम इंडिया अफ्रीकी धरती पर संघर्ष करती नजर आई है। 1992 से लेकर अब तक भारतीय टीम यहां सिर्फ तीन ही मैच जीत पाई है। पहला मैच भारत ने यहां 2006/07, दूसरा मैच 2010/11 में और तीसरा मैच 2017/18 में जीता था। इसके बाद टीम इंडिया यहां कोई मैच नहीं जीत पाई है।
पहली बार द्रविड़ की कप्तानी में मिली जीत
भारतीय टीम अफ्रीका में पहला मैच राहुल द्रविड़ की कप्तानी में जीती थी। 2006/07 के दौरे पर भारत ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का एक मैच अपने नाम किया था, जबकि बाकी के दोनों मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। द्रविड़ ने भले ही अपनी कप्तानी में भारत को एक मैच जिताया था, लेकिन वो सीरीज की हार नहीं टाल पाए थे और अफ्रीका में भारत के लगातार सीरीज हारने का सिलसिला बना हुआ था।
धोनी ने तोड़ा हार का सिलसिला
अफ्रीका में सीरीज हारने का सिलसिला महेंन्द्र सिंह धोनी ने तोड़ा और उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार यहां टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई। 2006/07 के बाद भारत ने 2010/11 में अफ्रीका का दौरा किया था। यह सीरीज भी तीन मैचों की थी, जिसका एक मैच भारत जीता था और एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा था। वहीं सीरीज का एक मैच ड्रॉ हुआ था। इसके बाद धोनी की कप्तानी में भारत ने 2013/14 में भी अफ्रीका का दौरा किया, लेकिन एक मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा और एक मैच ड्रॉ हुआ। धोनी के कप्तान रहते हुए भारत ने यहां चार मैच खेले। इनमें से एक टीम इंडिया जीती, दो हारी और दो मैच ड्रॉ रहे।
विराट बन सकते हैं सबसे सफल कप्तान
विराट के कप्तान बनने के बाद भारत ने अफ्रीका में सिर्फ तीन टेस्ट मैच खेले हैं और एक में जीत हासिल की है, जबकि दो मैच हारे हैं। अगर इस सीरीज में टीम इंडिया कोई भी मैच जीत पाती है तो विराट अफ्रीका में सबसे सफल भारतीय कप्तान बन जाएंगे। उनके पास अफ्रीका में भारत को पहली टेस्ट सीरीज जिताने का मौका भी है। वो ऑस्ट्रेलिया में यह कारनामा कर चुके हैं और यहां भी ऐसा करना चाहेंगे।