भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला केप टाउन में खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने इस सीरीज में अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया है। इस सीरीज में भारत ने एक ऐसा खराब रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले 12 साल में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नहीं हो सका था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में अब तक 55 बार भारतीय बल्लेबाज कैच आउट हो चुके हैं। यह तीन या इससे कम मैच की टेस्ट सीरीज में कैच आउट होने वाले सबसे ज्यादा बल्लेबाजों की संख्या है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम था। उसने यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के खिलाफ 2009 में खेली गई सीरीज में बनाया था।
2009 में पाकिस्तान का न्यूजीलैंड दौरा
2009 में जब पाकिस्तानी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी, तब दोनों के बीच खेली गई तीन मैचों की सीरीज में 48 बार पाकिस्तान के बल्लेबाज कैच आउट हुए थे। दोनों देशों के बीच खेली गई सीरीज 1-1 से बराबर रही थी। एक टेस्ट ट्रॉ रहा था। वहीं, तीसरे नंबर पर संयुक्त रूप से दो टीमें हैं।
दो टीमें संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर
इसमें भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच 2006 में और श्रीलंका-दक्षिण अफ्रीका के बीच 2011 में खेली गई सीरीज शामिल है। 2006 में जब भारत ने तीन टेस्ट की सीरीज के लिए अफ्रीका का दौरा किया था, तब कुल 47 बार भारतीय बल्लेबाज कैच आउट हुए थे।
द्रविड़ की कप्तानी में जीता था पहला टेस्ट
इसी सीरीज में भारत ने राहुल द्रविड़ की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका में अपना पहला टेस्ट जीता था। जोहनिसबर्ग टेस्ट को टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 123 रन से हराया था। हालांकि, इसके बाद अफ्रीकी टीम ने वापसी की और बाकी के दोनों मैच जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
अभी बढ़ सकता है भारत का आंकड़ा
वहीं, 2011/12 में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई सीरीज में भी 47 बार श्रीलंका टीम के बल्लेबाज कैच आउट हुए थे। यह सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने 2-1 से जीती थी। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में यह खराब रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अभी भी भारत के छह विकेट बचे हैं और ये नंबर ज्यादा भी हो सकता है। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि भारतीय बल्लेबाजों ने स्विंग और सीम के आगे खुद को सरेंडर कर दिया।
भारत ने 100 से ज्यादा रन की बढ़त बनाई
केप टाउन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में भारत ने पहली पारी में 223 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी पारी 210 रन पर सिमट गई। जवाब में भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 198 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका के सामने 212 रन का लक्ष्य रखा।