भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2022 की शुरुआत निराशाजनक रही। दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई टीम को टेस्ट सीरीज में हार मिली। उसके बाद वनडे सीरीज में अफ्रीकी टीम ने क्लीन स्वीप कर दिया। वनडे में एक बार फिर से मध्यक्रम ने टीम की लुटिया डुबोई। 2020 और 2021 में ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम का मध्यक्रम मजबूत हो गया है, लेकिन 2022 में उसकी पोल खुल गई।
सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में ओपनर शिखर धवन सबसे आगे रहे। उन्होंने तीन मैच में 169 रन बनाए। तीसरे क्रम पर उतरने वाले विराट कोहली ने तीन मैच में 116 रन बनाए। मध्यक्रम (नंबर चार से नंबर सात तक) में बल्लेबाजी करने वाले सिर्फ ऋषभ पंत ही 100 रन तक पहुंच सके। पंत ने तीन मैचों में 101 रन बनाए। उनके बाद निचले क्रम में खेलने वाले शार्दुल ठाकुर ने दो मैच में 90 रन बनाए। मध्यक्रम छोड़कर ओपनिंग करने वाले कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने तीन मैच में 76 रन बनाए।
राहुल की एक गलती पड़ गई भारी
पूर्व कोच रवि शास्त्री और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने दो सालों में राहुल से मध्यक्रम में बल्लेबाजी कराई। वे वहां सफल भी हुए थे। मध्यक्रम (नंबर चार से नंबर सात तक) में राहुल का रिकॉर्ड शानदार रहा है। वे 2020 और 2021 में मध्यक्रम में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रहे। उन्होंने 2020 में सात मैच में 62.83 की औसत से 377 रन बनाए थे। 2021 में 88.50 की औसत से 177 रन ठोके थे।
राहुल ने ओपनिंग की और मध्यक्रम को अस्थिर कर दिया। वे शिखर धवन के साथ शानदार फॉर्म में चल रहे ऋतुराज गायकवाड़ या ईशान किशन को मौका दे सकते थे, लेकिन खुद ओपनिंग करने का फैसला किया। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर ने तीन मैच में 54 रन और सूर्यकुमार यादव ने एक मैच में 39 रन बनाए। खुद राहुल ओपनिंग में फेल रहे और सिर्फ एक ही अर्धशतक लगा पाए। उनका वह अर्धशतक भी काफी धीमा था और इसमें उन्हें तीन जीवनदान मिले थे। राहुल ने 79 गेंद पर 69.62 की स्ट्राइक रेट से दूसरे वनडे में 55 रन बनाए थे।