भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर सभी भारतीय खिलाड़ी और अंपायर भी हैरान रह गए। अश्विन की एक गेंद अफ्रीकी कप्तान डीन एल्गर के पैर पर लगी और अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया। एल्गर ने अपने साथी खिलाड़ी कीगन पीटरसन से कुछ बात की और अंपायर के फैसले को चुनौती दी। रीप्ले में सब कुछ ठीक था, लेकिन जब हॉक आई तकनीक ने गेंद को स्टंप के ऊपर जाता दिखाया तो अफ्रीकी टीम के अलावा कोई भी इस पर यकीन नहीं कर पाया। रीप्ले देखने के बाद खुद अंपायर के मुंह से निकला "यह असंभव है।"
इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गलत रीप्ले को लेकर जमकर शिकायर की और स्टंप माइक पर बारी-बारी से अपना गुस्सा दिखाया। भारतीय टीम के इस व्यवहार पर एनगिडी ने कहा है कि टीम इंडिया हताश है और दबाव में है। इसी वजह से ऐसा कर रही है।
एनगिडी ने कहा "मुझे लगता है कि ऐसी प्रतिक्रिया हताशा दर्शाती है। कई बार टीमें इसका फायदा उठाती हैं। आप कभी भी बहुत ज्यादा अपनी भावनाएं नहीं जाहिर करना चाहते हैं, लेकिन आप साफ देख सकते हैं कि उनकी भावनाएं बहुत ज्यादा थीं और इससे पता चलता है कि वो दबाव महसूस कर रहे हैं। वह साझेदारी हमारे लिए बहुत जरूरी थी, इसलिए वो किसी भी हालत में उसे तोड़ना चाहते थे। मुझे लगता है कि ये भावनाएं वहां दिख रही थीं। दिन खत्म होने के बाद हर किसी ने उस स्थिति को लेकर अलग बर्ताव किया।"
21वें ओवर में हुई घटना
केपटाउन टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी का 21वां ओवर अश्विन कर रहे थे, जब उनकी गेंद डीन एल्गर के पैर में जाकर लगी और भारत ने एलबीडब्ल्यू की अपील की। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ। रीप्ले में जब गेंद स्टंप्स के ऊपर से जाती दिखी तो सबसे पहले अंपायर ने इस पर आश्चर्य जाहिर किया। इसके बाद अश्विन ने स्टंप माइक में आकर कहा कि आपको केपटाउन में जीतने का कोई दूसरा तरीका निकालना चाहिए था। बाद में विराट कोहली, लोकेश राहुल और ऋषभ पंत ने भी इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की।