भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2021 की शुरुआत कुछ खास नहीं रही है। दक्षिण अफ्रीका के दौरे में टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा है। दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार वनडे सीरीज में भारत को क्लीन स्वीप किया है। इसके बाद भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि यह सीरीज भारत के लिए आखें खोलने वाली रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान टीम में कई अहम खिलाड़ियों की कमी खली। रोहित और जडेजा जैसे खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और इस सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे।
अफ्रीका दौरे में भारत ने छह में से सिर्फ एक मैच जीता और बाकी के पांच मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। पहला टेस्ट जीतने के बाद टीम इंडिया ने बाकी दोनों टेस्ट और तीनों वनडे मैच गंवा दिए।
भारत के पास सुधार करने का मौका
भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम इंडिया ने 2019 वर्ल्डकप के बाद बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं और 2023 वर्ल्डकप से पहले भारतीय टीम के पास सुधार करने के कई मौके हैं। उन्होंने कहा "यह सीरीज हमारे लिए आंखें खोलने वाली रही है। हमने बहुत ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। मैं पहली बार वनडे टीम के साथ काम कर रहा था, लेकिन वनडे टीम ने पिछले वर्ल्डकप के बाद खुद में भी बहुत ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। आखिरी बार भारत इंग्लैंड के खिलाफ पिछले साल मार्च में वनडे सीरीज खेला था। अगले साल वर्ल्डकप से पहले हमारे पास पर्याप्त समय है और अब अगले टूर्नामेंट से पहले हमें काफी क्रिकेट खेलना है। हमारे पास सीखने और वापसी करने का मौका है, हमें लगातार बेहतर होना है। हम सुधार करेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।"
इस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार खेल दिखाया और द्रविड़ का मानना था कि भारत बीच के ओवरों में गेंदबाजी करते समय बेहतर कर सकता था। उन्होंने कहा "हम निश्चित रूप से बेहतर कर सकते हैं। हम बीच के ओवरों में बेहतर बल्लेबाजी कर सकते हैं। हम टेम्पलेट समझते हैं और टीम का संतुलन इसका अहम हिस्सा है। ईमानदारी से कहूं तो कुछ खिलाड़ी जो मिचले मध्यक्रम में वह संतुलन दे सकते हैं, वो टीम में नहीं थे। उम्मीद है कि जब वो वापस आएंगे तो टीम में वह गहराई होगी, जो हमें इस खास अंदाज में खेलने की छूट देगी।"
मुझे लग रहा था हम दोनों बार लक्ष्य का पीछा कर लेंगे
द्रविड़ ने भारतीय बल्लेबाजों के खराब शॉट चयन पर कहा "यहां तक की दक्षिण अफ्रीका ने जिन दो मैचों में पहले बल्लेबाजी की उन्होंने 290 के आस पास रन बनाए। दोनों मैच के 30वें ओवर में मुझे लग रहा था कि हम लक्ष्य का पीछा कर लेंगे। हम ऐसा नहीं कर पाए क्योंकि हमने गलत शॉट खेले और अहम मौकों पर हमने समझदारी से बल्लेबाजी नहीं की। हालांकि इस सीरीज से बहुत कुछ सीखने को मिला।"