भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार से आहत हैं। पहली बार भारतीय टीम के किसी सदस्य ने स्वीकार किया है कि दक्षिण अफ्रीका में बल्लेबाजी इकाई का खराब प्रदर्शन एक बहुत बड़ा नुकसान था। शमी का मानना है कि सीरीज में बल्लेबाजी ढीली थी और इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
द टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "हमारी बल्लेबाजी कभी-कभी थोड़ी ढीली हो जाती है, जिसकी वजह से टीम को दक्षिण अफ्रीका में नुकसान उठाना पड़ा है।" सेंचुरियन में पहला मैच जीतकर भारत टेस्ट सीरीज 1-2 से हार गया था। शमी ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
शमी ने आगे बताया, “कृपया यह न भूलें कि हमारी गेंदबाजी इकाई बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यह एक बहुत बड़ा सकारात्मक पहलू है जो हमें हमेशा खेल में बनाए रखता है। हां, हमारी बल्लेबाजी कई बार थोड़ी ढीली हुई, जिससे टीम को नुकसान हुआ है। अगर हमारे पास अंतिम दो मैचों में बचाव के लिए 50-60 रन और होते तो निश्चित रूप से उन दो मैचों में जीत का एक बड़ा मौका होता।”
शमी अपने बयान में गलत नहीं हैं। यह एक बल्लेबाजी विफलता थी जिसने भारत को दक्षिण अफ्रीका में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीतने से दूर कर दिया। केएल राहुल ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 226 रन बनाए। ऋषभ पंत ने 186 रन, विराट कोहली ने 161 रन, अजिंक्य रहाणे ने 136, मयंक अग्रवाल ने 135 और चेतेश्वर पुजारा ने 124 रन बनाए थे।
शमी को उम्मीद है कि यह बल्लेबाजों के लिए सिर्फ एक खराब सीरीज है और प्रशंसकों को इसके बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। शमी ने कहा, "देखिए, हम काफी नियमित रूप से खेल रहे हैं और काफी समय से बबल लाइफ का हिस्सा हैं। इसलिए मैं केवल इतना कहूंगा कि उतार-चढ़ाव होता है और हमें इसके बारे में बहुत अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”