भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी टेस्ट में जहां भारतीय बल्लेबाजी धराशायी होती नजर आई, वहीं दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने जज्बा दिखाया। मैच में कई ऐसे रिकॉर्ड बने, जो भारत की खराब बल्लेबाजी और दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी की ताकत दोनों को उजागर करते हैं।
कुलदीप और सुंदर
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भारतीय बल्लेबाजों को शर्मिंदा करने वाला आंकड़ा
टीम इंडिया के लिए सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह रहा कि स्पिनर कुलदीप यादव ने भारतीय शीर्ष आठ बल्लेबाजों से ज्यादा गेंदों का सामना किया। उन्होंने 134 गेंदों में तीन चौके की मदद से 19 रन बनाए, जो न सिर्फ इस टेस्ट में किसी भारतीय बल्लेबाजी सबसे लंबी पारी रही, बल्कि यह सीरीज में 100+ गेंद खेलने वाली केवल दूसरी भारतीय पारी है। इससे पहले कोलकाता टेस्ट में पहली पारी में केएल राहुल ने 119 गेंदों में 39 रन बनाए थे। रोचक बात यह है कि कुलदीप ने इससे पहले 2024 में रांची टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 131 गेंदों में 28 रन बनाए थे, जो अब तक उनका बेस्ट था।
कुलदीप ने जहां 134 गेंदें खेलीं, वहीं यशस्वी जायसवाल ने 97 गेंद खेलकर 58 रन बनाए, राहुल ने 63 गेंद खेलकर 22 रन बनाए, साई सुदर्शन ने 40 गेंद खेलकर 15 रन बनाए, जबकि पंत ने आठ गेंदें खेलीं और सात रन बनाए। ध्रुव जुरेल ने 11 गेंदें खेलीं और खाता नहीं खोल सके। रवींद्र जडेजा ने 18 गेंदें खेलीं और छह रन बनाए, जबकि नीतीश रेड्डी ने 18 गेंदें खेलीं और 10 रन हनाए। वॉशिंगटन सुंदर ने 92 गेंदें खेलीं और 48 रन बनाए। कुलदीप और सुंदर ने आठवें विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी कर भारतीय टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
वॉशिंगटन सुंदर
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वॉशिंगटन सुंदर: हर मैच में बल्लेबाजी का नया स्थान
टीम में बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव का असर साफ दिखा। वॉशिंगटन सुंदर ने अपनी पिछली सात टेस्ट पारियों में सात अलग-अलग बैटिंग पोजिशन पर बल्लेबाजी की। उन्होंने कभी नंबर तीन पर, तो कभी नंबर पांच पर तो कभी नंबर नौ पर बल्लेबाजी की है। इस सीरीज की रणनीति पर अब सवाल उठने लगे हैं कि खिलाड़ियों को स्थिर भूमिका क्यों नहीं दी जा रही।
यानसेन और मुथुसामी
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यानसेन का स्टेन और क्लूजनर के क्लब में एंट्री
मार्को यानसेन ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। साल 2000 से भारतीय सरजमीं पर फाइव विकेट हॉल लेने और 50+ रन बनाने वाले वह तीसरे विदेशी खिलाड़ी बने। इस लिस्ट में उनसे पहले निक्की बोए और वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर शामिल थे। बोए ने ऐसा साल 2000 में और होल्डर ने 2008 में किया था। गुवाहाटी टेस्ट में यानसेन का 6/48 का स्पेल भी उन्हें दिग्गजों के बीच ले गया। यह भारत में विदेशी लेफ्ट-आर्म पेसर का चौथा बेस्ट बॉलिंग स्पेल है।
भारत में दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों
के 5 या उससे अधिक विकेट
| गेंदबाज |
आंकड़ा |
स्थान |
साल |
| लांस क्लूजनर |
8/64 |
कोलकाता |
1996 |
| डेल स्टेन |
7/51 |
नागपुर |
2010 |
| मार्को यानसेन |
6/48 |
गुवाहाटी |
2025 |
| डेल स्टेन |
5/23 |
अहमदाबाद |
2008 |
| काइल एबॉट |
5/40 |
दिल्ली |
2015 |
भारत में टेस्ट मैचों में बाएं हाथ के
तेज गेंदबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
| गेंदबाज |
आंकड़े |
साल |
जगह |
| जॉन लेवर |
7/46 |
1976 |
दिल्ली |
| जिओफ डाइमॉक |
7/67 |
1979 |
कानपुर |
| एलेन डेविडसन |
7/93 |
1959 |
कानपुर |
| मार्को यानसेन |
6/48 |
2025 |
गुवाहाटी |
जडेजा और पंत
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कुछ अन्य रिकॉर्ड्स
- ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पारी की पहली पांच गेंदों पर आठ छक्के लगाए हैं, जो उनके डेब्यू के बाद से किसी भी गेंदबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। उनके बाद उमेश यादव (छह) का नंबर आता है। याद दिला दें कि उन्होंने 2018 में ट्रेंट ब्रिज में अपने करियर की दूसरी ही गेंद पर छक्का लगाया था।
- विकेटकीपर काइल वेरेन टेस्ट क्रिकेट में 100 डिस्मिसल करने वाले दक्षिण अफ्रीका के पांचवें विकेटकीपर बने। उनसे पहले मार्क बाउचर (553), क्विंटन डिकॉक (232), डेविड रिचर्डसन (152) और जॉन वेट (141) ने ऐसा किया है।
- दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 288 रन की लीड देने के बावजूद फॉलोऑन लागू नहीं किया, जो भारत में दूसरा सबसे बड़ा ऐसा मौका है। इससे पहले 2017 में हैदराबाद में भारत ने बांग्लादेश पर 299 रन की बढ़त हासिल की थी और फॉलोऑन नहीं खिलाया था।