भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जब शुक्रवार से दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत होगी तो भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेहमान टीम के स्पिनरों से निपटने की चुनौती होगी। दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जाएगा। सीरीज के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पर भी नजरें होंगी जो करीब चार महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं।
चोट के कारण बाहर थे पंत
पंत को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान पैर में चोट लग गई थी जिस कारण वह वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं रहे थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से पहले भारत ए टीम के लिए दो अनौपचारिक टेस्ट मैच खेले हैं। पंत का अंतिम एकादश में होना तय माना जा रहा है और उनसे बड़ी पारी खेलने की उम्मीद होगी।
भारत के लिए आसान नहीं होगी राह
भारत ने वेस्टइंडीज को दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में मात दी थी, लेकिन उसके लिए विश्व टेस्ट चैंपियन दक्षिण अफ्रीका की चुनौती का सामना करना आसान नहीं होगा। भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत में ही 3-0 से हराया था और कीवी स्पिनरों ऐजाज पटेल, मिचेल सेंटनेर और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर तीन टेस्ट में 36 विकेट चटकाए थे। दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इस समय स्पिनरों पर निर्भर है और ऐसे में मेजबान टीम को धीमे गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। दक्षिण अफ्रीका आम तौर पर अच्छे तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती रही है, लेकिन इस समय उसके पास धुरंधर स्पिनर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में उसने सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। इसमें केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरान मुथुस्वामी ने 39 में से 35 विकेट लिए।
36 वर्ष के हार्मर 1000 प्रथम श्रेणी विकेट ले चुके हैं और भारत के हालात से अनभिज्ञ नहीं हैं। 10 साल पहले हाशिम अमला की कप्तानी में उन्होंने मोहाली और नागपुर में दो टेस्ट खेलकर चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और ऋद्धिमान साहा के विकेट लिए थे। एक दशक बाद भी वह उतने ही चतुर गेंदबाज हैं। उन्होंने रावलपिंडी में पिछले महीने टेस्ट में आठ विकेट चटकाकर दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई और सीरीज ड्रॉ भी कराई। वहीं, महाराज आधुनिक क्रिकेट के सबसे सटीक और आक्रामक स्पिनरों में से एक हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के बीच मुकाबला रोचक रहने वाला है।
कोलकाता में होगी टर्निंग पिच?
भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान शुभमन गिल कई बार पिच का मुआयना कर चुके हैं। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आश्वासन दिया है कि यह टर्निंग पिच नहीं होगी। इससे जसप्रीत बुमराह जरूर आहलादित होंगे जो आम तौर पर शुरुआत में मूवमेंट और बाद में रिवर्स स्विंग देने वाली पिच पर भारत के ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। भारत दो तेज गेंदबाजों को उतार सकता है और घरेलू हालात की जानकारी होने से आकाश दीप को तरजीह मिल सकती है। ऋषभ पंत की वापसी और ध्रुव जुरेल के बतौर बल्लेबाज खेलने से भारत का मध्यक्रम संतुलित लग रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में 16 विकेट लेने वाले वॉशिंगटन सुंदर भी उपयोगी साबित होंगे।