भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। दक्षिण अफ्रीका ने पार्ल में खेले गए पहले वनडे में भारतीय टीम को 31 रन से हराया था। इस मैच में टीम इंडिया की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही।
शिखर धवन ने सबसे ज्यादा 79 रन बनाए। वहीं, विराट कोहली ने 51 रन बनाए। शार्दुल ठाकुर 43 गेंदों पर 50 रन बनाकर नाबाद रहे थे। वहीं, दूसरे वनडे में भी शार्दुल ने बल्ले से कमाल दिखाना जारी रखा। वे 38 गेंदों पर 40 रन बनाकर नाबाद रहे।
दूसरे वनडे में शार्दुल को बल्लेबाजी में मिला प्रमोशन
पहले मैच में शार्दुल आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। उन्हें रविचंद्रन अश्विन के बाद बल्लेबाजी करने भेजा गया था और शानदार पारी खेलकर नाबाद रहे थे। वहीं, दूसरे वनडे में कप्तान केएल राहुल ने शार्दुल को प्रमोट किया और अश्विन से ऊपर सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा। शार्दुल ने कप्तान के इस फैसले को सही साबित करते हुए एक बार फिर नाबाद रहे। दूसरे वनडे में अपनी पारी में उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाया।
क्या फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर टीम को मिल गया?
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत को एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर मिल गया है? यह सवाल उठना इसलिए भी बनता है क्योंकि उनका रिकॉर्ड पिछले कुछ समय में बेहतरीन रहा है। शार्दुल लोअर ऑर्डर में कई महत्वपूर्ण पारियां खेल चुके हैं। साथ ही वह महत्वपूर्ण साझेदारियां तोड़ने में भी माहिर हैं।
दक्षिण अफ्रीका दौरे पर शार्दुल का ऑलराउंड प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरा टेस्ट और दूसरा वनडे इसका उदाहरण है। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में एक वक्त डीन एल्गर और कीगन पीटरसन मैदान पर जम गए थे। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी हो चुकी थी। तब शार्दुल ने एल्गर को पवेलियन भेजा था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में भी उन्होंने ऐसा ही किया। मैदान पर जम चुके क्विंटन डिकॉक और यानेमन मलान की साझेदारी को तोड़ा। शार्दुल ने डिकॉक को 78 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेजा। 2020/21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से शार्दुल में गजब का बदलाव देखने को मिला है। शार्दुल का टेस्ट में बल्लेबाजी औसत 22.64, वनडे में 39.40 और टी-20 में 23.0 है।
शार्दुल से हार्दिक पांड्या की तुलना
वहीं, हार्दिक पांड्या की बात करें तो टेस्ट में उन्होंने 31.29, वनडे में 32.97 और टी-20 में 20.48 की औसत से रन बनाए हैं। शार्दुल की साझेदारी तोड़ने की क्षमता उन्हें हार्दिक से ज्यादा घातक बनाती है। रवींद्र जडेजा की वापसी के बाद वह छठे नंबर पर और शार्दुल सातवें नंबर पर अच्छा ऑप्शन साबित हो सकते हैं। इससे टीम इंडिया छह गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतर सकेगी। 2023 विश्व कप को देखते हुए टीम मैनेजमेंट इस पर विचार जरूर करेगा।
आंकड़ों की बात की जाए तो पहले 10 वनडे पारियों के बाद 35 से ज्यादा की औसत और 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले शार्दुल चौथे खिलाड़ी हैं। इससे पहले न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन, हार्दिक, कनाडा के रिजवान चीमा ऐसा कर चुके हैं।
अनुभव के साथ और बेहतर होंगे शार्दुल
शार्दुल ने वनडे में वनडे में 39 से ज्यादा की औसत के अलावा 127.10 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। जैसे-जैसे शार्दुल ज्यादा मैच खेलते जाएंगे, यह आंकड़े और बेहतर हो सकते हैं। पिछले कुछ सालों में शार्दुल लगातार टीम इंडिया का सदस्य बने हुए हैं। वहीं, वेंकटेश अय्यर को टीम में तो लाया गया, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईपीएल जैसा कुछ असाधारण करने में असमर्थ रहे हैं। फिलहाल उनकी तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि वेंकटेश अभी भी अपने करियर की शुरुआती स्टेज में हैं।
गेंदबाजी में हार्दिक और शार्दुल की तुलना
गेंदबाजी में हार्दिक और शार्दुल की तुलना की जाए तो शार्दुल ने सात टेस्ट में 21.04 की औसत से 26 विकेट, 17 वनडे में 39.61 की औसत से 23 विकेट और टी-20 में 23.84 की औसत से 31 विकेट लिए हैं। वहीं, हार्दिक ने 11 टेस्ट में 31.06 की औसत से 17 विकेट, 63 वनडे में 41.47 की औसत से 57 विकेट और 54 टी-20 में 27.4 की औसत से 42 विकेट लिए हैं। गेंदबाजी का औसत दर्शाता है कि गेंदबाज औसतन हर मैच में कितनी गेंद पर विकेट निकालता है। इस मामले में शार्दुल हार्दिक से बेहतर हैं।
2021 से शार्दुल ने वनडे में 120 की औसत से रन बनाए
2021 के बाद वनडे में कम से कम चार पारियां खेलने वाले खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा बल्लेबाजी औसत शार्दुल के नाम है। इस दौरान उन्होंने पांच मैचों की चार पारियों में 120 की औसत से 120 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 50 नाबाद रन का रहा है। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 117.64 रन का रहा।
दूसरे नंबर पर यूएसए के जसकरन मल्होत्रा हैं। उन्होंने छह मैचों की छह पारियों में 87 की औसत से 261 रन बनाए। वहीं, तीसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के रसी वान डर डुसेन हैं। डुसेन ने 10 मैचों की नौ पारियों में 84.66 की औसत से 508 रन बनाए।