भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट का पहला दिन समाप्त हो चुका है। केएल राहुल के शतक और मयंक अग्रवाल की अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत फिलहाल मजबूत स्थिति में है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने 272/3 का स्कोर बना लिया है। अजिंक्य रहाणे और केएल राहुल क्रीज पर हैं और दोनों के बीच 73 रनों की अटूट साझेदारी हो चुकी है।
राहुल ने भले ही 122 रन बना लिए हैं लेकिन उनकी पारी और टीम इंडिया के बड़े स्कोर में मयंक अग्रवाल का अहम योगदान रहा। मयंक ने पारी की शुरुआत करते हुए शुरू से ही दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों के ऊपर दबाव बनाया और खुलकर चारों तरफ शॉट खेले। मयंक ने तेजी से रन बनाने के साथ ही राहुल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 117 रनों की साझेदारी की। मयंक की पारी की वजह से राहुल को संभलकर खेलने का मौका मिला।
मयंक अग्रवाल के लिए हालांकि इस तरह की बल्लेबाजी कोई नई बात नहीं है, उन्होंने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में एक शतक और एक अर्धशतक जड़ा था।
भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर खुद भी मयंक की बल्लेबाजी देखकर हैरान नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'मैं बिल्कुल भी आश्चर्यचकित नहीं हूं, क्योंकि पहले दौरे पर, उन्होंने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पदार्पण किया था और जिस तरह की पारी उन्होंने सिडनी में पहली ऑस्ट्रेलियाई श्रृंखला में खेली थी, जिसे भारत ने जीता था, वह महत्वपूर्ण थी। हां, जब वह न्यूजीलैंड गए तो उन्हें कुछ दिक्कतें हुईं लेकिन इसके अलावा उन्होंने दिखाया है कि वह दुनियाभर में रन बना सकते हैं।'
बांगर ने आगे कहा, 'रनों के लिए उनकी भूख, ऑफ स्टंप के बाहर की उनकी समझ और खराब गेंदों को बाउंड्री पार भेजने की क्षमता। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि एक सलामी बल्लेबाज के रूप में, आप बहुत सारी गेंदों को ऑफ स्टंप के बाहर नहीं छोड़ेंगे, लेकिन जब गेंद हिट करने के लिए आता है, जब गेंद आपके क्षेत्र में होती है, जब गेंद ओवरपिच होती है और पैरों पर होती है, तो यह बहुत महत्वपूर्ण है कि बल्लेबाज इसे भुनाए, जो मयंक बहुत अच्छे से करता है।'