भारतीय टीम के कोच और दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को सेंचुरियन में एक खास सम्मान मिला। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम की परंपरा का हिस्सा बने। द्रविड़ ने मैदान के ऐतिहासिक घंटे को बजाकर चौथे दिन की शुरुआत की।
भारतीय टीम के कोच और दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को सेंचुरियन में एक खास सम्मान मिला। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम की परंपरा का हिस्सा बने। द्रविड़ ने मैदान के ऐतिहासिक घंटे को बजाकर चौथे दिन की शुरुआत की।
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बीसीसीआई ने सेंचुरियन क्रिकेट मैदान में राहुल द्रविड़ के घंटा बजाकर मैच की शुरुआत करने की घटना की तस्वीर शेयर की। साथ ही लिखा, 'सुपरस्पोर्ट पार्क की परंपराओं का पालन करते हुए राहुल द्रविड़ ने घंटा बजाकर दिन के खेल की शुरुआत की।'
दरअसल इस मैदान पर प्रत्येक दिन का खेल शुरू होने से पहले घंटा बजाने की परंपरा है। कुछ इसी प्रकार की परंपरा लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान और कोलकाता के ईडन गार्डन जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर भी है।
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मैच की बात करें तो भारतीय टीम की पकड़ मजबूत है। भारतीय टीम ने पहली पारी में 327 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में महज 174 रन ही बनाए। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के पहली पारी में 197 रन ही ढेर होने की वजह से टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 305 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने एक रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया।