साहिबजादा फरहान का 'गनफायर' जश्न
पहली पारी में जब साहिबजादा फरहान ने अर्धशतक पूरा किया तो उन्होंने बल्ले को ऐसे पकड़कर हवा में उठाया जैसे वह एके-47 हो और गोली चला रहे हों। इस जश्न ने भारतीय फैंस को नाराज कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा, 'ये क्रिकेट है या आतंक का प्रचार? बल्ले को बंदूक की तरह पकड़ना क्या संदेश देना चाहता है?' कई फैंस ने मजाक में कहा कि फरहान ने बंदूक की नली अपनी तरफ रखकर 'आत्मघाती' अंदाज दिखाया है। मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
फरहान ने 45 गेंद में पांच चौके और तीन छक्कों की मदद से 58 रन की पारी खेली। उन्हें शिवम दुबे ने सूर्यकुमार के हाथों कैच कराया। दुबे की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को दूर पहुंचाने के चक्कर में गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सूर्यकुमार के हाथों में गई। इस दौरान फरहान के हाथ से वह बल्ला छूट गया और दूर जाकर गिरा। फैंस इस पर भी मजाक उड़ा रहे कि पाकिस्तान की 'बंदूक' ने धोखा दे दिया।
हारिस रऊफ का '0-6' इशारा
दूसरी पारी में जब हारिस रऊफ को दर्शकों ने हूट किया तो उन्होंने हाथ से '0-6' का इशारा किया। सोशल मीडिया पर इसे पाकिस्तान के उस झूठे दावे से जोड़ा गया जिसमें इस्लामाबाद ने कहा था कि उन्होंने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय लड़ाकू विमान गिराए थे। यह इशारा भारतीय दर्शकों और नेताओं को रास नहीं आया। लोगों ने कहा कि यह मैदान पर देश का अपमान है और पाकिस्तान जानबूझकर उकसाने वाला व्यवहार कर रहा है।