अभिनेत्री दिशा पाटनी की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। मुंबई पुलिस इसकी तैयारी कर रही है। दिशा के बरेली स्थित घर में हुई फायरिंग को देखते हुए मुंबई पुलिस ये तैयारी कर रही है। दिशा के विदेश से लौटने के बाद उनका सुरक्षा घेरा बढ़ सकता है। बरेली के एसएसपी ने भी मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर मौजूदा स्थिति से अवगत कराया है। बरेली में दिशा के घर पर लगातार दो दिन फायरिंग के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। दो आरोपियों के एकनाउंटर और अन्य के पकड़े जाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि महिला सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन सजग है।
दरअसल, 12 अप्रैल को दिशा के बरेली स्थित घर पर तड़के साढ़े तीन बजे नौ राउंड फायरिंग की गई थी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दो आरोपी बाइक पर बैठकर आए और नौ राउंड फायरिंग करके भाग गए। जिस समय फायरिंग हुई उस समय दिशा पाटनी के पिता सेवानिवृत्त सीओ जगदीश पाटनी, उनकी मां और बहन खुशबू पाटनी घर पर मौजूद थे। आइये टाइमलाइन के जरिए जानते हैं कि दिशा पाटनी के घर फायरिंग क्यों हुई? इसके पीछे किसका हाथ है? आरोपी कौन हैं? पुलिस ने कैसे इस सभी आरोपियों पर शिकंजा कसा? दिशा पाटनी के परिवार ने इस घटना पर क्या कहा?
दिशा की बहन खुशबू पाटनी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। वह अपने फिटनेस और लाइफस्टाइल के साथ-साथ अपने विचारों को सोशल मीडिया पर खुल कर साझा करती हैं। जब संत अनिरुद्धाचार्य ने लड़कियों के लिव-इन में रहने को लेकर विवादित बयान दिया तो इसे लेकर खुशबू ने संत उनके बयान पर तीखी टिप्पणी की। उनके इस बयान में अंग्रेजी के शब्द को लोगों ने मथुरा के संत प्रेमानंद जी महाराज पर टिप्पणी से जोड़ दिया। इसके बाद खुशबू को सोशल मीडिया पर खासा ट्रोल किया गया। खुशबू ने बाद में सोशल मीडिया पर सफाई और बताया कि उन्होंने स्वामी प्रेमानंद के बारे में कुछ नहीं कहा था।
खुशबू के बयान पर हुआ विवाद ठंडा भी नहीं हुआ था कि 12 सितंबर को दिशा पाटनी के घर हमला हो गया। हमलावरों ने उनके घर पर नौ राउंड फायरिंग की। इस हमले से पहले 11 सितंबर को हमलावरों ने उनके घर की रेकी की। 11 की ही सुबह बाइक से आए बागपत के लोहड्डा गांव निवासी नकुल ने एक हवाई फायरिंग भी की थी। इस दौरान बाइक को बागपत के वाजिदपुर निवासी विजय तोमर चला रहा था। इन दोनों को हमले से पहले घर की रेकी करने का काम सौंपा गया था। आसपास के लोगों ने इस हवाई फायरिंग की आवाज सुनी थी। जब पड़ोसियों ने इसके बारे में परिवार को जानकारी दी तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 12 तारीख को हुई घटना के बाद जब घर पर लगे सीसीटीवी की जांच की गई तब रेकी के बारे में पता चला।
12 की फायरिंग के बाद बाइक सवार दो आरोपी फायरिंग कर नैनीताल हाईवे की ओर भाग निकले। इनमें आगे बैठा युवक हेलमेट लगाए हुए था। पुलिस पहुंची तो घर की बालकनी के छज्जे पर फायरिंग के कई निशान मिले। तीन बर्स्ट फायर की पुष्टि हुई, जिससे नौ राउंड फायरिंग का प्रमाण मिला। इसके बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने वारदात का पता लगाने के लिए एसपी सिटी व एसपी क्राइम के नेतृत्व में छह टीम गठित की। अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुट गई थी। साथ ही परिवार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। गोल्डी बरार के खास गुर्गे रोहित गोदारा की आईडी से की गई पोस्ट में राजस्थान के गांव डेलाणा से जुड़े वीरेंद्र चारण व महेंद्र सारण ने इस घटना की जिम्मेदारी ली। इसमें स्वामी अनिरुद्धाचार्य व स्वामी प्रेमानंद पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हमले करने की जानकारी दी गई थी। पुलिस सीसीटीवी की मदद से हमलावरों की तलाश में जुट गई।
हमले के कुछ घंटे बाद दिल्ली में रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण का एक शार्प शूटर अंकित गिरफ्तार किया गया था। अंकित से पुलिस ने बाइक, पिस्टल और रोहित गोदारा व वीरेंद्र चारण का नाम लिखी पर्ची बरामद की थी। पूरे मामले की जांच के लिए छह टीमें बनाई गईं।
जिस आईडी से दिशा के घर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली गई थी। पुलिस ने आईडी को ट्रेस किया तो पता चला कि यह आईडी पुर्तगाल से चलाई जा रही थी। सीएम योगी आदित्यनाथ से दिशा के पिता जगदीश चंद्र पाटनी ने हमले के बारे में फोन पर बात की। सीएम योगी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दोनों मुख्य शूटर रवींद्र और अरुण को गाजियाबाद में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने ढेर कर दिया। यूपी एसटीएफ, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दोनों को मार गिराया। दोनों शूटर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह के सक्रिय सदस्य थे। उन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
फेसबुक पर रोहित गोदारा नाम से बनी आईडी से एक पोस्ट किया गया, जिसमें एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटर्स को शहीद बताया गया। इसके साथ धमकी दी गई कि इसकी माफी नहीं है।
पुलिस ने गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश पकड़े गए। इनमें एक राजस्थान निवासी रामनिवास को दाएं पैर में गोली लगी। वहीं, दूसरा बदमाश हरियाणा का अनिल है। दोनों नेपाल भागने की कोशिश में थे। अन्य दो आरोपी जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई गई है उन्हें दिल्ली पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया। दोनों बागपत के निवासी हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया। सीएम ने कहा, “प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। इसमें खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”, “उन्होंने कहा सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।”