पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने गुरुवार को कहा कि क्रिकेट के मैदान पर आमने-सामने होने से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार जरूरी है। भारत और पाकिस्तान 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार दुबई में आमने-सामने होंगे। इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों के मारे जाने के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था।
'हमने लीजेंड्स लीग में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेला'
हरभजन ने मुंबई में सोसाइटी मैगजीन के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से कहा, 'भारत और पाकिस्तान मैच हमेशा सुर्खियों में रहता है लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी ने कहा कि क्रिकेट और व्यापार नहीं होना चाहिए। हम लीजेंड्स (विश्व चैंपियनशिप) खेल रहे थे, हमने (पाकिस्तान के खिलाफ) वो मैच नहीं खेला।'
'जब तक दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर नहीं हो जाते..'
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने एक नीति बनाई जिसके तहत देश पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय खेल संबंध नहीं रखेगा जबकि बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में अपने पड़ोसियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। हरभजन ने कहा कि हालांकि वह व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान के साथ क्रिकेट और व्यापार का समर्थन नहीं करते लेकिन इस मामले में भारत सरकार के रुख का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, 'हर किसी की अपनी सोच और समझ होती है। लेकिन मुझे लगता है कि जब तक दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर नहीं हो जाते, तब तक क्रिकेट और व्यापार भी नहीं होने चाहिए। लेकिन, यह मेरी सोच है। अगर सरकार कहती है कि मैच हो सकता है तो होना चाहिए। लेकिन दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होने चाहिए।'