पुजारा और रहाणे एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में कामयाब नहीं हुए
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न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर फ्लॉप हुए हैं। ये दोनों खिलाड़ी अच्छी शुरुआत के बाद साधारण गेंदों पर आउट हुए और टीम को मझधार में छोड़कर चले गए। मौजूदा समय में रहाणे टीम के कप्तान और पुजारा उपकप्तान हैं। ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों को जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी थी, लेकिन ये दोनों सस्ते में आउट होकर निकल गए। इसके बाद अपना पहला मैच खेल रहे श्रेयस अय्यर ने जडेजा के साथ मिलकर पारी को संभाला और भारत का स्कोर 258 रन तक ले गए। अय्यर अभी भी क्रीज पर जमे हुए हैं और अगर वो शतक लगा पाते हैं तो पुजारा या रहाणे की जगह उन्हें मौका दिया जा सकता है।
पुजारा और रहाणे का खराब फॉर्म जारी रहने पर अफ्रीका दौरे में गिल और श्रेयस को इन दोनों की जगह मौका दिया जा सकता है। ऐसे में रोहित और राहुल पारी की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि गिल तीसरे, विराट चौथे और अय्यर पांचवें नंबर पर खेल सकते हैं। रहाणे इस मैच में भारत के कप्तान हैं और उन्हें अगली ही सीरीज में टीम से बाहर किए जाने की संभावना कम है।
लंबे इंतजार के बाद अय्यर को मिला मौका
अय्यर को अपना पहला टेस्ट मैच खेलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। उन्होंने 53 एकदिवसीय मैच खेलने के बाद टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया है। कानपुर टेस्ट में जब वो बल्लेबाजी करने आए थे तब काइल जेमिसन शानदार लय में थे और भारत का स्कोर तीन विकेट पर 106 रन था। जेमिसन भारत के दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों को आउच कर चुके थे और बाद में रहाणे का विकेट भी लिया। लेकिन अय्यर ने आसानी से उनका सामना किया और सेट होने के बाद उनके खिलाफ रन भी बटोरे। अभी अय्यर ने सात चौके और दो छक्के लगाकर 75 रन बनाए हैं। वो अभी भी क्रीज पर जमे हुए हैं और भारत को उनसे शतक की उम्मीद है।
अब मैच विनर नहीं हैं पुजारा और रहाणे
33 साल के पुजारा और रहाणे अब पहले की तरह बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। अपने समय पर ये दोनों ही खिलाड़ी भारत के सबसे बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। खासकर भारत के बाहर रहाणे ने कमाल का प्रदर्शन किया है। वहीं पुजारा ने भारत और भारत के बाहर भी खूब शतक लगाए हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। दोनों बल्लेबाजों ने लंबे समय से निरंतर रन नहीं बनाए हैं। पुजारा तीन सालों से शतक के लिए तरस रहे हैं तो रहाणे एक या दो अच्छी पारियां खेलकर बाकी मैचों में निराश कर रहे हैं। कानपुर में भी पुजार ने 26 और रहाणे ने 35 रन की पारी खेली।
पिछले दो सालों में पुजारा-रहाणे का प्रदर्शन
पुजारा ने 2020 में आठ पारियों में 20.38 के औसत से 163 रन बनाए और सिर्फ एक अर्धशतक लगा पाए। वहीं 2021 में उन्होंने 20 पारियों में 31.11 के औसत से 591 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से छह अर्धशतक निकले हैं, लेकिन कोई शतक नहीं है। ऐसे में उनकी दीवार वाली छवि पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं रहाणे ने 2020 में आठ पारियों में 38.86 के औसत से 112 रन बनाए थे। इसमें कोई अर्धशतक नहीं था, लेकिन उनका आखिरी शतक इसी साल दिसंबर में आया था। इसके बाद 2021 में उन्होंने 19 पारियां खेली हैं और 19.58 को घटिया औसत से 372 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला है। वो सिर्फ दो अर्धशतक लगा पाए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 67 रन रहा है।