भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज धीरे-धीरे अपने चरम की तरफ बढ़ रही है। शुक्रवार से घरेलू सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले ही शुरुआती दो मैच हारकर पिछड़ चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को क्लीन स्वीप से रोकना चाहेगी। इसके लिए भारतीय खिलाड़ियों को स्पिन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करना होगा।
भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मेहमानों ने 0-2 की अजेय बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर ली। भारत ने पिछले 12 वर्षों में पहली बार घरेलू धरती पर सीरीज गंवाई है। भारत का स्पिन गेंदबाजों को मदद पहुंचाने वाली पिच तैयार करने का दांव उल्टा पड़ गया और अब उसे अगले साल जून में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने रहने के लिए वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारतीय टीम को अभी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के वर्तमान चक्र में छह टेस्ट मैच खेलने हैं और फाइनल में जगह बनाने के लिए उसे इनमें से कम से कम चार मैच में जीत दर्ज करनी होगी। पुणे में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम की स्पिन गेंदबाजों को खेलने के कौशल की कलई खुल गई। यही वजह है की टीम ने तीसरे टेस्ट मैच के अभ्यास के लिए धीमी गति के 20 गेंदबाजों को बुलाया तथा वैकल्पिक अभ्यास सत्र रद्द कर दिया।
भारतीय टीम ने बंगलूरू में खेले गए पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अच्छी वापसी की थी लेकिन भारतीय बल्लेबाज पहले मैच में तेज गेंदबाजों जबकि दूसरे मैच में स्पिन गेंदबाजों के सामने नहीं चल पाए। भारत ने अभी तक चार में से तीन पारियों में 46, 156 और 245 रन बनाए हैं जिससे उसके बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का पता चलता है। यह सब कुछ भारतीय टीम के साथ तब हुआ है जबकि उसे जल्द ही पांच टेस्ट मैच की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है।
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूं कि जो कुछ हुआ वह आहत करने वाला है। हमें दर्द होना चाहिए और यही दर्द हमें बेहतर बनाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी।' अभी यह देखना होगा कि कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा इस तरह की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। उनके अलावा युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
न्यूजीलैंड ने अपनी तैयारी का अभी तक अच्छा नमूना पेश किया है और उसने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया है। इससे उसकी टीम भारत के बल्लेबाजों और गेंदबाजों को कड़ी चुनौती देने में सफल रही है। भारत के लिए रोहित, कोहली, अश्विन और जडेजा का अभी तक सीरीज में लचर प्रदर्शन चिंता का विषय होगा। भारत को अगर न्यूजीलैंड का विजय अभियान रोकना है तो इन चारों खिलाड़ियों को बेहतर खेल दिखाना होगा। वानखेड़े स्टेडियम की पिच से भी स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है और ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को एक और कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। उन्हें यह साबित करना होगा कि वह अपने पूर्ववर्ती बल्लेबाजों की तरह स्पिन गेंदबाजी को अच्छी तरह से खेलते हैं।
इस मुकाबले के लिए भारत और न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग-11 इस प्रकार है...
भारतः रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), केएल राहुल/सरफराज खान, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, आकाश दीप/मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह।
न्यूजीलैंडः टॉम लाथम (कप्तान), डेवोन कॉन्वे, केन विलियमसन, रचिन रवींद्र, डेरिल मिचेल, टॉम ब्लंडेल (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, मिचेल सैंटनर, टिम साउदी, एजाज पटेल, विलियम ओरुर्के।