भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का 20 जून से आगाज होगा। रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद गिल को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई है। 25 वर्षीय गिल लाल गेंद के प्रारूप में पहली बार कप्तानी संभालेंगे। रोहित और विराट कोहली की गैर मौजूदगी में भारतीय टीम पहली बार टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड का सामना करेगी। ऐसे में रोमांच चरम पर होगा। बहरहाल, हम यहां आपको भारत और इंग्लैंड सीरीज के दौरान हुए चर्चित विवादों के विषय में बताएंगे। आइये जानते हैं...
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वैसलीन विवाद (1977)
भारत और इंग्लैंड के बीच रहे विवादों में वैसलीन विवाद भी चर्चाओं में रहा। इंग्लैंड की टीम उस वक्त भारत दौरे पर थी। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने जॉन लीवर पर रिवर्स स्विंग में अवैध रूप से मदद करने के लिए वैसलीन-लेपित गॉज का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। हालांकि, इंग्लैंड ने दावा किया कि इसका इस्तेमाल केवल खिलाड़ियों की आंखों से पसीना दूर रखने के लिए किया गया था, लेकिन इस घटना ने सीरीज पर एक स्थायी दाग छोड़ दिया जिसे अभी भी 'वैसलीन सीरीज' के रूप में जाना जाता है।
जेलीगेट विवाद (2007)
जेलीगेट विवाद साल 2007 के सबसे चर्चित विवादों में से एक है। ट्रेंट ब्रिज में भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा था। भारतीय खिलाड़ी जहीर खान जब बल्लेबाजी के लिए आए तो पिच पर जेली बीन्स बिखरी पड़ी थीं। माना जाता है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जहीर खान को उकसाने के लिए जानबूझकर जेली बीन्स फेंकी थीं। यह सब देखकर जहीर खान काफी नाराज हुए थे और उनकी इंग्लिश खिलाड़ियों से बहस हो गई थी। इसका बदला लेते हुए जहीर खान ने जबरदस्त गेंदबाजी की और भारत को मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
सहवाग-पीटरसन रनआउट विवाद (2008)
भारत और इंग्लैंड के बीच 2008 में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान एक ऐसी अजीब रनआउट की घटना हुई जिसमें खिलाड़ी रनआउट हुआ ही नहीं लेकिन उनसे आउट दे दिया गया था। चेन्नई में इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान केविन पीटरसन और एक अन्य बल्लेबाज क्रीज पर थे। पीटरसन ने शॉट खेला और रन के लिए दौड़ लगाई। सहवाग ने गेंद लपकी और थ्रो किया और पीटरसन रनआउट हो गए। मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर से मदद मांगी, रिप्ले देखा गया रनआउट नहीं हुआ है गलती से आउट दिया गया था।
इयान बेल रनआउट और रिकॉल विवाद (2011)
यह घटना खेल भावना से जुड़ी है जो 2011 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट में हुई। नॉटिंघम टेस्ट के तीसरे दिन के अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर एविन मॉर्गन और इयान बेल बल्लेबाजी कर रहे थे। बेल ने शॉट मारा जो बाउंड्री की तरफ गया, फील्डर प्रवीण कुमार ने गेंद को बाउंड्री लाइन के पास रोका लेकिन स्पष्ट नहीं था कि चार रन हो गए या नहीं। बेल ने अंपायर के फैसले का इंतजार भी नहीं किया और लंच के लिए पवेलियन की तरफ बढ़ गए। तभी भारतीय खिलाड़ियों ने मौके का फायदा उठाते हुए उन्हें रनआउट कर दिया। अंपायर ने उन्हें आउट मान भी लिया क्योंकि वह क्रीज के बाहर थे और गेंद डेड बॉल भी नहीं हुई थी। लंच ब्रेक के दौरान इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने खेल भावना की दुहाई देते हुए भारत से अपील वापस लेने की मांग की। तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंपायर से बात की और इयान बेल को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। धोनी के इस फैसले की आज तक सराहना होती है।
जडेजा-एंडरसन विवाद (2014)
भारतीय टीम 2014 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए पहले टेस्ट के दूसरे दिन लंच ब्रेक के समय जब टीमें ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहीं थीं तब एंडरसन और जडेजा के बीच बहस हो गई थी। आरोप लगे कि एंडरसन ने जडेजा को धक्का दिया। भारतीय टीम ने एंडरसन के खिलाफ आईसीसी में शिकायत दर्ज कराई। तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एंडरसन के व्यहार को उकसाने वाला और अस्वीकार्य बताया था।