सार
लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले रोहित शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर कहा कि जब तक वह क्रिकेट खेलेंगे, तब तक चर्चाएं और शोर चलते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन कर टीम की सफलता में योगदान देने पर है।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर लगातार हो रही चर्चाओं और अटकलों पर साफ कहा है कि जब तक वह क्रिकेट खेलते रहेंगे, तब तक इस तरह का शोर बना रहेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन कर टीम की सफलता में योगदान देने पर है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार शतकीय पारी खेलने वाले 39 वर्षीय रोहित शर्मा ने मैच के बाद बीसीसीआई टीवी से बातचीत में कहा कि बाहरी चर्चाएं उनके खेल को प्रभावित नहीं करतीं।
'शोर रहेगा, तभी तो मजा है'
रोहित ने कहा, 'जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया है, तब से यह शोर बना हुआ है। जब तक मैं खेलता रहूंगा, यह चलता रहेगा। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं। अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा। मेरा काम मैदान के अंदर है और बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर।' रोहित ने कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा देश के लिए खेलना और रन बनाना रहा है। उन्होंने कहा, 'मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। डेब्यू के समय से मुझे यही जिम्मेदारी मिली है और मैं वही करता रहूंगा।'
इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद
लॉर्ड्स में शानदार शतक लगाने वाले रोहित ने कहा कि उन्हें इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है क्योंकि यहां की परिस्थितियां हर खिलाड़ी की परीक्षा लेती हैं। उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड में खेलना मुझे हमेशा अच्छा लगता है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर प्रारूप में आपको अलग तरह से चुनौती देते हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर यही चुनौती आपको बेहतर बनाती है।'
विराट के साथ साझेदारी पर कही दिल की बात
388 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच शतकीय साझेदारी हुई, जिसने भारत की उम्मीदें जगा दी थीं। रोहित ने कहा, 'मैं और विराट पूरे करियर में साथ खेले हैं। हमारे बीच कई यादगार साझेदारियां रही हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा मजेदार रहता है क्योंकि हम एक-दूसरे के खेल और सोच को अच्छी तरह समझते हैं।'
सीरीज हारने का अफसोस
रोहित ने स्वीकार किया कि टीम को सीरीज गंवाने का दुख है। उन्होंने कहा, 'बर्मिंघम में हमने अच्छी शुरुआत की थी और अच्छा क्रिकेट खेला। कार्डिफ में हम बल्लेबाजी में पर्याप्त रन नहीं बना सके। लॉर्ड्स में लक्ष्य काफी बड़ा था। हमने पूरी कोशिश की लेकिन 20-25 रन पीछे रह गए।'
युवा गेंदबाजों का किया बचाव
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का बचाव करते हुए रोहित ने कहा कि युवा गेंदबाजों को समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'इन गेंदबाजों ने अभी ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। उन्हें समय देना होगा। इस मैच से सीख लेकर भविष्य में ऐसे हालात में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।'