भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट जीतकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर कर दिया। इस जीत के नायक मोहम्मद सिराज रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में पांच विकेट लिए और इंग्लैंड को 374 रन का लक्ष्य नहीं हासिल करने दिया। भारतीय टीम ओवल टेस्ट में जसप्रीत बुमराह के बिना मैदान पर उतरी थी। भारत ने वही दो टेस्ट जीते, जिनमें बुमराह नहीं खेल रहे थे। यह जगजाहिर है कि सिराज के लिए बुमराह प्रेरणास्रोत रहे हैं और हैदराबाद के इस गेंदबाज ने स्वीकार किया कि जीत के समय उन्हें बुमराह की कमी खल रही थी।
'बुमराह भाई की याद आ रही है'
374 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की दूसरी पारी 367 रन पर सिमट गई। सिराज ने मैच में नौ विकेट लेकर न केवल 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता। साथ ही अपने प्रशंसकों से भी खूब प्रशंसा बटोरी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में भावुक सिराज ने कहा, 'हर बल्लेबाज, हर गेंदबाज जो इस सीरीज का हिस्सा रहा, उसे मैं सलाम करता हूं। जिस तरह से ओवल में हमने वापसी की वह शानदार थी। मुझे जस्सी (बुमराह) भाई की याद आ रही है क्योंकि अगर वह वहां होते तो यह खास होता। मुझे जस्सी भाई और खुद पर विश्वास है।'
'भावनाएं बयां नहीं कर सकता'
बुमराह ने अपने कार्यभार प्रबंधन के कारण पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए थे। उन्हें चौथे टेस्ट मैच के बाद टीम से रिलीज कर दिया गया था। रविवार को हैरी ब्रुक का कैच छोड़ने के बाद सिराज आखिरी दिन पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आए। सोमवार को सुबह के सत्र में उन्होंने जो भी गेंद फेंकी, उसने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो, इस समय जीत के बाद जो भावनाएं मेरे अंदर हैं, मैं उन्हें शब्दों में बयां नहीं कर सकता, क्योंकि रविवार को मैंने कैच का मौका छोड़ दिया था। जब मैं चौथे दिन के बाद सोने जा रहा था, तो मैं बस यही सोच रहा था कि मैंने ऐसा कैसे कर दिया।'
'कैच ले लिया होता तो...'
सिराज ने कहा, 'अगर मैंने वह कैच ले लिया होता, तो हमें सोमवार को मैदान पर आकर खेलने की जरूरत नहीं पड़ती। हम आराम कर रहे होते। लेकिन ऊपर वाले ने हमारे लिए कुछ और ही सोच रखा था। वह हमें सोमवार को स्टेडियम तक ले आया और नतीजा सबके सामने है।'