'बैजबॉल' के लिए मशहूर इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में मुंह की खाकर अब स्वदेश लौटने की तैयारियां कर रही है। धर्मशाला में खेले गए आखिरी मुकाबले में भारत ने बेन स्टोक्स के नेतृत्व वाली टीम को एक पारी और 64 रन से करारी शिकस्त दी। भारतीय खिलाड़ियों के आगे इंग्लैंड का 'बैजबॉल' पूरी तरह से फेल हो गया।
इस पर सीरीज खत्म होने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलकर चर्चा की। उन्होंने दुनिया को 'बैजबॉल' की परिभाषा समझाई। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड की इस तकनीक का लोहा पूरी दुनिया मानती थी। हालांकि, भारतीय सरजमीं पर इंग्लिश खिलाड़ी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। हैदराबाद के अलावा भारत ने अन्य चार मैचों में टीम को करारी शिकस्त दी।
स्टोक्स ने सुनाई 'बैजबॉल' की परिभाषा
भारतीय टीम से मिली शिकस्त के बाद इंग्लैंड के कप्तान ने बैजबॉल पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इसका मकसद एक खिलाड़ी को बेहतर बनाना है। स्टोक्स ने कहा, "बैजबॉल नाम मीडिया ने दिया है। हर कोई कहता है कि यह क्या है? मेरी नजर में इसका मकसद एक बेहतर खिलाड़ी बनाना है। हार और असफलता के बावजूद उम्मीद है कि बैजबल लोगों को बेहतर खिलाड़ी बनने और हम जो हैं, उससे भी बेहतर बनने के लिए प्रेरित करेगा। मुझे लगता है कि हमने बहुत सी चीजें सही की हैं।"
धर्मशाला टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। पहली पारी में इंग्लैंड ने 218 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पहली पारी 477 रन पर खत्म हुई थी। इस तरह टीम इंडिया को 259 रन की लीड मिली थी। इंग्लैंड की दूसरी पारी 195 रन पर सिमट गई और भारत ने पारी और 64 रन से जीत हासिल की। भारत के गेंदबाजी आक्रमण के आगे इंग्लिश टीम का बल्लेबाजी क्रम ध्वस्त हो गया।
इंग्लिश कप्तान ने जताई निराशा
स्टोक्स ने कहा, "हमें सीरीज में बेहतर टीम ने पछाड़ दिया। हमें आने वाले समय में काफी क्रिकेट खेलना (न्यूजीलैंड और पाकिस्तान सीरीज) है, जिसका हमें इंतजार है। जब आप इंडिया
सीरीज को देखें तो हम छोटे-छोटो मोमेंट्स को बरकरार नहीं रख सके। हम सभी व्यक्तिगत रूप से जानते हैं कि गलती कहां हुई । हम इस सीरीज से पॉजिटिव लेकर जाएंगे। हैदरबाद के बाद भारत गेंद के साथ शीर्ष पर रहा और हम पर दबाव पड़ा। हमारे खिलाड़ियों को निपटने के तरीके ढूंढने होंगे और जोखिमों को लेने के लिए पर्याप्त सकारात्मक होने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्रॉली और डकेट ने अच्छी साझेदारियां कीं, बशीर और हार्टली पूरी सीरीज में असाधारण रहे। रूट का फॉर्म में आना हमारे लिए अच्छी बात है।"