बेन स्टोक्स और शुभमन गिल ने बुधवार को टेस्ट मैचों के बीच लंबे अंतर की मांग करते हुए कहा कि पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में गेंदबाजों के भारी कार्यभार को देखते हुए दो मैचों के बीच तीन दिन का ब्रेक कम है। लीड्स में पहले टेस्ट और लॉडर्स पर तीसरे टेस्ट के बाद एक सप्ताह का अंतर था लेकिन दूसरे और तीसरे तथा चौथे और पांचवें मैच के बीच सिर्फ तीन दिन का अंतर रहा।
मैनचेस्टर और ओवल टेस्ट के बीच अंतर पर क्या बोले स्टोक्स?
इससे खिलाड़ियों को रिकवरी का अधिक समय नहीं मिला। स्टोक्स दाहिने कंधे की चोट के कारण पांचवां टेस्ट नहीं खेल पायेंगे। भारत भी कुछ तेज गेंदबाजों की चोट से जूझ रहा है। पांचवें टेस्ट से पहले स्टोक्स ने कहा, 'पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में मैचों के बीच अंतर बेहतर हो सकता था। दो मैचों में आठ और नौ दिन और बाकी दो में तीन दिन का अंतर। सब मिलाकर पांच पांच दिन का अंतर रहने से निरंतरता रहती। दोनों टीमों के लिये यह कठिन रहा है। गेंदबाजों को काफी ओवर डालने होते हैं। एक बार तो आठ नौ दिन का ब्रेक मिल रहा है और फिर तीन दिन का। हर मैच के बीच चार या पांच दिन का अंतर हो सकता था।'
कप्तान गिल ने भी जताई नाराजगी
भारतीय कप्तान गिल ने कहा कि सभी मैच पांच दिन तक चले लिहाजा खिलाड़ियों के लिये रिकवरी मुश्किल थी। उन्होंने कहा, 'सीरीज में अहम बात यह भी थी कि सभी मैच पांच दिन तक चले। पांच दिन ही नहीं बल्कि पांचवें दिन के आखिरी सत्र तक। मुझे याद नहीं कि ऐसी कोई सीरीज रही हो जिसमें सभी चार टेस्ट मैच आखिर तक खिंचे हो। यह काफी कठिन था। दोनों टीमें जब इतना कठिन क्रिकेट खेल रहीं हों तो तीन दिन का अंतर काफी कम है। हमें यह भी समझना चाहिये कि हर मैच के बाद पांच या छह दिन का ब्रेक होने से दौरा बहुत लंबा हो जाता। दोनों बोर्ड ने यही सोचकर फैसला लिया होगा।'