दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
इस मैच में रोहित शर्मा और जोस बटलर बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए। हालांकि, बटलर ने नौ गेंद में 18 रन बनाकर अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दी। वहीं, रोहित ने 12 गेंद में 11 रन बनाकर बाकी के बल्लेबाजों का काम और मुश्किल किया। कप्तानी में रोहित के पास करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं था। सभी युवा गेंदबाज जमकर रन लुटा रहे थे और उनके पास गेंदबाजी के सिर्फ पांच ही विकल्प थे। ऐसे में रोहित रवि बिश्नोई और हर्षल पटेल का अच्छा इस्तेमाल किया। वहीं, जोस बटलर ने 19वां ओवर मोईन अली से कराया और वो सूर्यकुमार का विकेट ले गए। यहीं से इंग्लैंड मैच जीत गया। अगर सूर्यकुमार इस ओवर में 20-25 रन बटोर लेते तो नतीजा कुछ और बी हो सकता था और बटलर की कप्तानी पर सवाल उठाए जाते।
भारत के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः गेंदबाजी में रवि विश्नोई और हर्षल पटेल ने अच्छा प्रदर्शन किया। दोनों ने रन रोकने के साथ ही विकेट भी निकाले। शुरुआती ओवरों में आवेश खान ने भी शानदार गेंदबाजी और रन भी बहुत कंजूसी से लुटाए। बल्लेबाजी में सूर्यकुमार यादव ने शानदार शतक लगाया। उनकी 117 रन की पारी भारत के लिए सबसे सुखद चीज रही। अब मध्यक्रम में उनकी जगह पक्की हो चुकी है।
नकारात्मक पहलूः टीम इंडिया इस मैच में खिलाड़ियों को परखने के लिए उतरी थी और युवा गेंदबाज इस टेस्ट में पूरी तरह फेल रहे। उमरान मलिक ने चार ओवर में 56 रन लुटाए। वहीं, आवेश अंतिम ओवरों में महंगे साबित हुए और 43 रन खर्च कर दिए। जडेजा ने भी 45 रन दिए। पिछले कुछ महीनों में जडेजा ने बल्ले के साथ कमाल किया है, लेकिन एशिया के बाहर उनकी गेंदबाजी बहुत साधारण रही है। यह भारत के लिए चिंता का विषय है। बल्लेबाजी में रोहित, विराट और पंत जैसे अहम खिलाड़ी फेल रहे। फिनिशर कार्तिक और जडेजा भी सूर्यकुमार का साथ नहीं दे पाए। इसी वजह से भारत मैच हार गया।
लियाम लिविंगस्टोन और डेविड मलान
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