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IND vs ENG: बर्मिंघम का किला भेदने उतरेगी भारतीय टीम, संयोजन बना चुनौती; क्या दो स्पिनरों के साथ उतरेगा भारत?

Tue, 01 Jul 2025 05:51 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम

सार

भारत के सामने इस टेस्ट में सबसे बड़ी चुनौती टीम संयोजन है। पिछले टेस्ट में भारत तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाज, एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर, एक स्पिनर और सात बल्लेबाजों के साथ उतरा था। पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव करने में असफल रहे थे जो भारत की हार का कारण बना था।
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भारतीय टीम - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से बर्मिंघम के एजबेस्टन में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे चल रही भारतीय टीम की नजरें सीरीज में वापसी करने पर टिकी होंगी। भारत के लिए बर्मिंघम टेस्ट में वापसी करना आसान नहीं होगा। बर्मिंघम में 1967 से भारतीय टीम ने आठ मैच खेले हैं जिसमें सात में उसे हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। 
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पारंपरिक सोच से अलग हटकर लेने होंगे फैसले 
भारत के सामने इस टेस्ट में सबसे बड़ी चुनौती टीम संयोजन है। पिछले टेस्ट में भारत तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाज, एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर, एक स्पिनर और सात बल्लेबाजों के साथ उतरा था। पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव करने में असफल रहे थे जो भारत की हार का कारण बना था। लीड्स में गेंदबाजों ने जिस तरह निराशाजनक प्रदर्शन किया उसे देखते हुए भारत को ऐसे गेंदबाजों को चुनना होगा जो 20 विकेट ले सकें। एजबेस्टन की पिच बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती है, ऐसे में चयन के मामले में टीम प्रबंधन को पारंपरिक सोच से अलग हटकर फैसले लेने होंगे। 

हेडिंग्ले में पहले टेस्ट के आखिरी दिन इंग्लैंड ने जब 371 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया तब भारतीय टीम प्रबंधन ने खुद स्वीकार किया था कि कुलदीप यादव की कमी टीम को खली। सहायक कोच रयान टेन डस्काटे ने कहा कि भारत टीम संयोजन तलाशने की कोशिश में है जिससे बल्लेबाजी की गहराई पर असर नहीं पड़े और ऐसे गेंदबाज भी हों जो 20 विकेट ले सकें।

स्पिनरों की भूमिका रहेगी अहम 
बर्मिंघम में मौसम गर्म है और पिच पर ऊपर घास है लेकिन नीचे से यह सूखी है। इसी मैदान पर तीन साल पहले इंग्लैंड ने 378 रन का लक्ष्य हासिल करके सीरीज ड्रॉ कराई थी। पिछले कुछ साल में काउंटी क्रिकेट में इस मैदान पर काफी रन बने हैं। इस मैदान पर स्पिनरों की भूमिका अहम होगी और भारत को तय करना है कि वे रवींद्र जडेजा की मदद करने वाले वॉशिंगटन सुंदर को उतारेगा या विकेट लेने में माहिर कुलदीप को जगह मिलेगी। यह तो तय है कि भारत दो स्पिनरों के साथ उतरेगा।
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नीतीश को मिलेगा मौका?
पहले टेस्ट में शार्दुल ठाकुर तेज गेंदबाज ऑलराउंडर थे लेकिन संभव है कि बल्लेबाजी ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को दूसरे टेस्ट में जगह मिले। शार्दुल ने पहले टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया लेकिन एक टेस्ट के बाद बाहर करना भी ज्यादती होगी। जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर भी संदेह है। अगर वह दूसरा टेस्ट नहीं खेलते हैं तो तेज गेंदबाजी का जिम्मा मोहम्मद सिराज, आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे। बुमराह के नहीं खेलने पर इस तिकड़ी को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी होगी।
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