भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन शनिवार को तीसरे अंपायर की गलती के कारण इंग्लैंड के एक डीआरएस रैफरल को फिर से बहाल कर दिया गया। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट तीसरे अंपायर अनिल चौधरी की भूल से काफी नाराज हो गए, जिसके कारण उन्हें भारतीय उप कप्तान अजिंक्य रहाणे का विकेट नहीं मिल सका और एक डीआरएस रिव्यू भी चला गया।
हालांकि कुछ क्षणों के बाद स्पष्ट हो गया कि चौधरी ने गलती की थी और इंग्लैंड के रिव्यू को फिर से बहाल कर दिया गया। यह घटना दिन के 75वें ओवर में हुई जब जैक लीच की गेंद रहाणे के ग्लव्ज को छूती हुई फॉरवर्ड शॉर्ट लेग क्षेत्ररक्षक ओली पोप के हाथ में चली गई। इंग्लैंड ने अपील की लेकिन मैदानी अंपायर ने इसे ठुकरा दिया और चौधरी ने यह सोचकर रिव्यू खारिज कर दिया कि गेंद लेग स्टंप के बाहर गई थी और मेहमान टीम ने एलबीडब्ल्यू की अपील की थी।
हालांकि इंग्लैंड ने स्पष्ट किया कि वे ग्लव्ज से छूकर गई गेंद के कैच होने की अपील कर रहे हैं, बल्ले से छूने की नहीं। बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले देखकर रूट काफी निराश हो गए और कप्तान ने यह मामला मैदानी अंपायरों के समक्ष उठाया। चौधरी के ठुकराने से इंग्लैंड ने एक रिव्यू भी गंवा दिया था। लेकिन बाद में आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के खेलने के नियम 3.6.8 के अंतर्गत इंग्लैंड का यह रिव्यू बहाल कर दिया गया। रहाणे हालांकि बाद में छह गेंद बाद आउट हो गए, उन्हें मोईन अली ने 67 रन पर बोल्ड किया।
DRS भी VAR की तरह विवादित- लीच
इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच ने तीसरे अंपायर के फैसले की गलती का सामना करने के बाद डीआरएस की तुलना फुटबॉल में होने वाले वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) से करते हुए कहा कि यह अब भी विवादास्पद है। पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद लीच ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'हम तीसरे अंपायर को गेंद के एक्शन को देखे, वे LBW देख रहे थे, हमें पता था कि वह इस तरह (LBW) आउट नहीं होगा। हम यह चाहते थे कि वह पैड से टकराने के बाद गेंद को देखें। उन्होंने कहा, 'यह आज थोड़ा वीएआर की तरह लगा, यह विवादास्पद है, लेकिन यह ऐसा ही है।'